इंदौर: भ्रष्ट अधिकरी को मिली करप्शन की सजा, 2 करोड़ का जुर्माना और 4 साल कैद

लोकायुक्त द्वारा विशेष अदालत में 11 सितंबर 2013 को चालान पेश किया गया था. इस तरह पूरे मामले में लगभग 9 साल 11 महीने के बाद सुनवाई पूरी हुई और अफसर को 4 साल का सश्रम कारावास और 2 करोड़ के जुर्माने की सजा सुनाई गई है.

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सरकारी अफसर पर 2 करोड़ का जुर्माना

मध्यप्रदेश/इंदौर: 11 नवंबर 2021 को लोकायुक्त इंदौर पुलिस द्वारा जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी लाखन सिंह के विजयनगर इंदौर स्थित मकान पर छापामार कार्रवाई की गई थी. यह कारवाही मुख्य कार्यपालन अधिकारी लाखन सिंह पर आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर की गई थी. लंबे समय से यह मामला विशेष अदालत इंदौर में विचाराधीन था. विशेष न्यायाधीश ने यह फैसला सुनाते हुए सरकारी अफसर पर 2 करोड़ का जुर्माना लगाया है. वहीं, 4 साल का सश्रम कारावास की भी सजा सुनाई है.

पूरे मामले को लेकर विशेष न्यायाधीश राकेश गोयल की कोर्ट द्वारा यह सजा सुनाई गई है. संजीव श्रीवास्तव जिला अभियोजन अधिकारी ने बताया कि दोषी अफसर लाखन सिंह राजपूत पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया गया था.

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इस मामले में  जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी लाखन सिंह के घर जब लोकायुक्त द्वारा छापामार कार्रवाई की गई थी, तो 4 करोड़ की संपत्ति मिली थी, उस समय कार्यपालन अधिकारी लाखन सिंह राजपूत सेंधवा में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत के पद पर पदस्थ थे. लोकायुक्त द्वारा विशेष अदालत में 11 सितंबर 2013 को चालान पेश किया गया था. इस तरह पूरे मामले में लगभग 9 साल 11 महीने के बाद सुनवाई पूरी हुई और अफसर को 4 साल का सश्रम कारावास और 2 करोड़ के जुर्माने की सजा सुनाई गई है.

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