रेत माफिया का आतंक! वनरक्षक पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश, फाड़ी वर्दी; लेकिन FIR तक दर्ज नहीं 

मध्य प्रदेश में रेत माफिया के हमले में वनरक्षक पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश, मारपीट और वर्दी फाड़ने का मामला सामने आया. आरोपियों ने मोबाइल और नकदी छीनकर नदी में फेंक दिया. शिकायत के बाद भी थाने में FIR दर्ज नहीं हुई, जिससे वन विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे हैं.

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Forest Guard Attack Case: मध्य प्रदेश में अवैध रेत उत्खनन पर सख्ती के दावों के बीच दतिया जिले के हिनोतिया क्षेत्र से चौंकाने वाली घटना सामने आई है. गश्त के दौरान वनरक्षक पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की गई, उनके साथ मारपीट हुई, वर्दी फाड़ी गई और मोबाइल‑नकदी छीन ली गई. इसके बावजूद थाने में घंटों बैठने पर भी FIR दर्ज नहीं हुई. यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि वनकर्मियों की सुरक्षा और मनोबल पर भी सीधा असर डालती है.

मारपीट और वर्दी फाड़ने का आरोप

1 मार्च 2026 को वनरक्षक अंकुर श्रीवास्तव अवैध उत्खनन की सूचना पर हिनोतिया क्षेत्र में पहुंचे. महुअर नदी के पास रेत से भरे ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश की गई तो आरोप है कि ट्रैक्टर चालक ने उन पर वाहन चढ़ाने का प्रयास किया. हमले के दौरान वनकर्मी के साथ हाथ, लात और डंडों से मारपीट की गई. इसी बीच उनकी वर्दी फाड़ दी गई, जेब से मोबाइल फोन और नकदी निकाल ली गई और मोबाइल को महुअर नदी में फेंक दिया गया.

कौन थे आरोपी?

गोराघाट वनपरिक्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और शिकार की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं. उसी सिलसिले में भानू यादव और उसके साथी महुअर नदी से रेत निकालकर ट्रैक्टर-ट्रॉली से ले जाते मिले. रोकने पर ही यह हमला हुआ. पीड़ित ने पुलिस को दिए आवेदन में कहा है कि विश्वसनीय सूचना के मुताबिक, ये लोग वनकर्मियों को झूठे मामलों में फँसाने की साजिश भी रच रहे हैं.

थाने में 4 घंटे तक नहीं हुई FIR

घटना के बाद वन परिक्षेत्र अधिकारी सहित गोराघाट रेंज के कर्मचारी शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक सिनावल थाने में मौजूद रहे. आरोप है कि थाना प्रभारी ने FIR दर्ज नहीं की. यह पहलू पूरे मामले को और गंभीर बनाता है.

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क्यों बढ़ रही है चिंता?

वनरक्षक अंकुर श्रीवास्तव का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से वन स्टाफ का मनोबल गिरता है और कामकाज पर नकारात्मक असर पड़ता है. जब शासकीय ड्यूटी कर रहे कर्मचारी ही सुरक्षित न हों, तो अवैध उत्खनन पर काबू पाना मुश्किल हो जाता है.