हरदा जिला अस्पताल में पदस्थ डॉ. प्रियंका को हटाया गया, सिजेरियन ऑपरेशन के बदले मांग की थी 8000 रुपये

Harda District Hospital: जांच समिति के निरीक्षण के दौरान अन्य नवजातों के माता-पिता ने भी 5 हजार से 8 हजार रुपये तक की राशि देने की जानकारी दी. इसके बाद मिशन संचालक डॉ. सलोनी सिदाना और वरिष्ठ संयुक्त संचालक डॉ. अर्चना मिश्रा ने कलेक्टर के प्रतिवेदन और जांच के आधार पर कार्रवाई की.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

Gynecologist Dr. Priyanka Sharde contract terminated: हरदा जिला अस्पताल की संविदा स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका शारदे का अनुबंध समाप्त कर दिया है. डॉ. शारदे पर गर्भवती महिलाओं से ऑपरेशन के नाम पर रुपये मांगने की शिकायत के बाद कार्रवाई की है. डॉ. प्रियंका पर कई हितग्राहियों ने सिजेरियन ऑपरेशन के बदले 8 हजार रुपये की अनधिकृत राशि मांगने का आरोप लगाया था.

सिजेरियन ऑपरेशन के बदले 8 हजार रुपये की मांग

सीएमएचओ डॉ. एचपी सिंह ने बताया राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्य प्रदेश ने संविदा स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका शारदे का अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त किया है. कार्रवाई जिला चिकित्सालय हरदा में मरीजों से दुर्व्यवहार, प्रसव के लिए अनधिकृत राशि मांगने और कर्तव्यों में लापरवाही की कई शिकायतों के बाद की गई है. डॉ. प्रियंका पर कई हितग्राहियों ने सिजेरियन ऑपरेशन के बदले 8 हजार रुपये की अनधिकृत राशि मांगने का आरोप लगाया था. जांच समिति के निरीक्षण के दौरान अन्य नवजातों के माता-पिता ने भी 5 हजार से 8 हजार रुपये तक की राशि देने की जानकारी दी. इसके बाद मिशन संचालक डॉ. सलोनी सिदाना और वरिष्ठ संयुक्त संचालक डॉ. अर्चना मिश्रा ने कलेक्टर के प्रतिवेदन और जांच के आधार पर कार्रवाई की.

जिला अस्पताल में डॉ. शारदे 14 सितंबर 2024 को संविदा स्त्रीरोग विशेषज्ञ के पद पर कार्यरत रहीं. इतना ही नहीं शिकायतों में डॉ. शारदे द्वारा स्वयं की निजी क्लीनिक में कर्मचारियों के माध्यम से अवैध रूप से ऑपरेशन करने के लिए राशि प्राप्त करने के बाद जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं का इलाज, ऑपरेशन किया है.

दिव्यांग से भी मांगे थे रुपये

2 अगस्त को फुलड़ी निवासी सियाराम गौर के दिव्यांग पत्नी संगीता (29) को शाम को स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका शारदे ने भर्ती करने के बाद रेफर कर दिया. पति सियाराम ने आरोप लगाया था कि डॉ. शारदे ने नॉर्मल डिलीवरी के लिए 8 हजार रुपये लिए. रुपये महाराणा प्रताप चौक स्थित क्लीनिक पर दिए, लेकिन अगले दिन दोपहर करीब 1 बजे दिव्यांग महिला का चेकअप किए बिना हालत को गंभीर बताते हुए जिला अस्पताल से रेफर कर दिया. वहीं डॉक्टर ने भी परिजनों से जमकर बहस की. इतना ही नहीं पहले नॉर्मल डिलीवरी का कह रही थी, डिलीवरी के लिए हजारों रुपए के इंजेक्शन भी डॉक्टर के द्वारा बाहर की मेडिकल से मंगवाए गए.

Advertisement

ये भी पढ़ें:  दंतेवाड़ा में बहुत बड़ा सरेंडर... आज फिर 63 नक्सली सरेंडर करने पहुंचे, पुलिस के सामने डालेंगे हथियार

Topics mentioned in this article