पुलिस का सूबेदार बनकर की थी करोड़ों की ठगी! 42 लोगों की गाड़ियां गिरवी रख फरार हुआ शातिर गिरफ्तार

पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी ने गाड़ियों में लगे जीपीएस सिस्टम तक हटवा दिए थे, ताकि लोकेशन ट्रेस न हो सके.  इसके बाद वाहनों को अलग-अलग जगह गिरवी रखकर मोटी रकम वसूल ली गई. पूर्व में भी हिमाचल शर्मा पर फर्जी सूबेदार बनकर धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज है. वह अलग-अलग वर्दियां पहनकर लोगों को झांसा देता था.

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मध्य प्रदेश के ग्वालियर में करोड़ों रुपये के वाहनों की ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है. आरोपी हिमाचल शर्मा खुद को पुलिस का सूबेदार बताकर लोगों से संपर्क करता था और भरोसा जीतकर उनकी महंगी गाड़ियां किराए पर लेने के नाम पर अपने कब्जे में कर लेता था. बाद में वह इन्हें गिरवी रखकर रकम समेट लेता और फरार हो जाता था. पुलिस ने आरोपी को जयपुर से गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है. अब तक 42 लोगों से धोखाधड़ी किए जाने की जानकारी सामने आई है.

जांच में सामने आया है कि आरोपी ने टूर एंड ट्रेवल्स से जुड़े वाहन मालिकों को ऊंचे किराए का लालच दिया. उसने लग्जरी कार, एसयूवी, ट्रैक्टर ट्रॉली, डंपर और ट्रक तक किराए पर लिए. शुरुआत में कुछ समय तक भुगतान कर विश्वास कायम किया, फिर अचानक किराया देना बंद कर दिया. संदेह होने पर जब वाहन मालिकों ने अपनी गाड़ियां वापस मांगी, तो आरोपी ने टालमटोल शुरू कर दी और फिर शहर छोड़कर फरार हो गया.

 जीपीएस हटाकर गिरवी रख दीं गाड़ियां

पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी ने गाड़ियों में लगे जीपीएस सिस्टम तक हटवा दिए थे, ताकि लोकेशन ट्रेस न हो सके.  इसके बाद वाहनों को अलग-अलग जगह गिरवी रखकर मोटी रकम वसूल ली गई. पूर्व में भी हिमाचल शर्मा पर फर्जी सूबेदार बनकर धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज है. वह अलग-अलग वर्दियां पहनकर लोगों को झांसा देता था.

 जयपुर में छिपा था आरोपी, पुलिस ने दबोचा

शिकायतें बढ़ने के बाद आरोपी जयपुर में जाकर छिप गया था. क्राइम ब्रांच को सूचना मिली, जिसके बाद टीम ने कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार कर लिया. धोखाधड़ी के शिकार लोग अब लगातार एसपी कार्यालय पहुंच रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं. पुलिस का कहना है कि सभी पीड़ितों को राहत दिलाने का प्रयास किया जा रहा है और पूरे मामले की गहराई से जांच जारी है.

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पुलिस ने इस मामले में 28 गाड़ियां बरामद कर उनके मूल मालिकों को लौटाई हैं. इसके लिए ‘तेरा तुझको अर्पण' नाम से एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. बाकी वाहनों की तलाश जारी है. एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि आरोपी ने फरीदाबाद के एक व्यक्ति के साथ मिलकर यह पूरा नेटवर्क खड़ा किया था. रिमांड के दौरान उससे और पूछताछ की जा रही है, जिससे अन्य सहयोगियों और गिरवी रखी गई गाड़ियों का पता लगाया जा सके.

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