अंचल के सबसे बड़े अस्पताल में कर्मचारियों की हड़ताल, सफाई से लेकर सुरक्षा व्यवस्था चरमराई

ग्वालियर के जयारोग्य चिकित्सा समूह में निजी कंपनी के करीब एक हजार कर्मचारियों की हड़ताल से अस्पताल की सफाई और सुरक्षा व्यवस्था चरमरा गई है. वेतन और एरियर न मिलने से नाराज कर्मचारी धरने पर बैठ गए हैं.

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JAH Hospital Employees Protest: ग्वालियर के अंचल के सबसे बड़े अस्पताल जयारोग्य चिकित्सा समूह में उस वक्त हालात बिगड़ गए, जब अस्पताल में कार्यरत निजी कंपनी के करीब एक हजार कर्मचारियों ने बेमुद्दत हड़ताल शुरू कर दी. वेतन, भत्ते और एरियर लंबे समय से नहीं मिलने से नाराज कर्मचारियों ने काम बंद कर धरना दे दिया. हड़ताल का असर सीधे मरीजों की देखभाल और अस्पताल की व्यवस्थाओं पर दिखाई देने लगा है.

जयारोग्य चिकित्सा समूह के अंतर्गत आने वाले अस्पतालों में सफाई, सुरक्षा और अन्य जरूरी सेवाओं में लगे निजी कंपनी के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं. सभी कर्मचारियों ने एक साथ काम बंद कर दिया, जिससे पूरे अस्पताल परिसर में अराजक स्थिति बन गई है. मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

सफाई ठप, मरीजों में संक्रमण का खतरा

हड़ताल का सबसे बड़ा असर सफाई व्यवस्था पर पड़ा है. अस्पताल परिसर और वार्डों में गंदगी का अंबार लग गया है. हालात ऐसे बन गए हैं कि गंभीर मरीजों को संक्रमण फैलने का खतरा सताने लगा है. डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ भी व्यवस्थाओं को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं.

मरीजों को स्ट्रेचर पर ले जाना मुश्किल

कर्मचारियों की हड़ताल के चलते अस्पताल की लिफ्ट सेवाएं भी बंद हो गई हैं. गंभीर मरीजों को एक वार्ड से दूसरे वार्ड तक ले जाने के लिए अटेंडरों को खुद स्ट्रेचर खींचकर ले जाना पड़ रहा है. बुजुर्ग और गंभीर हालत वाले मरीजों के लिए यह स्थिति और अधिक परेशानी भरी हो गई है.

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ओपीडी से वार्ड तक इलाज प्रभावित

हड़ताल के कारण ओपीडी से लेकर अस्पताल के वार्डों तक इलाज की व्यवस्था प्रभावित हो रही है. मरीज समय पर जांच और उपचार नहीं करा पा रहे हैं. कई मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, तो कुछ को बिना इलाज लौटना पड़ रहा है.

मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने का ऐलान

कर्मचारियों ने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक अइगल कंपनी उनका बकाया वेतन और एरियर नहीं देती और भविष्य में तय समय पर वेतन देने का लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक हड़ताल खत्म नहीं की जाएगी. कर्मचारियों का कहना है कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया.

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प्रबंधन और कंपनी के बीच बातचीत जारी

अस्पताल प्रबंधन लगातार हड़ताली कर्मचारियों से बातचीत कर रहा है. इसके साथ ही सेवा प्रदाता कंपनी पर भी एरियर भुगतान को लेकर दबाव बनाया जा रहा है. अस्पताल के सहायक अधीक्षक माखन लाल माहौर ने बताया कि कंपनी के मैनेजर से लगातार चर्चा चल रही है.

सहायक अधीक्षक का कहना है कि कर्मचारियों का बकाया भुगतान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं और उम्मीद है कि आज शाम तक कोई समाधान निकल सकता है. हालांकि जब तक कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक अस्पताल में हालात सामान्य होने की संभावना कम ही दिखाई दे रही है.

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