Guna News: मध्य प्रदेश के गुना जिले के नानाखेड़ी इलाके में शुक्रवार को एक ऐसी रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है. एक 26 वर्षीय नवविवाहिता ने गृहक्लेश और आर्थिक तंगी के चलते न केवल खुद मौत को गले लगा लिया, बल्कि अपनी 10 महीने की मासूम दुधमुंही बच्ची को भी मौत के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया. बच्ची के मुंह और नाक में रुई ठूंसकर उसे बेसुध करने के बाद मां फंदे पर झूल गई. फिलहाल मासूम की हालत जिला अस्पताल में बेहद गंभीर बनी हुई है.
सुबह तक सब कुछ था सामान्य, फिर बदला खौफनाक मंजर
जानकारी के अनुसार, कीर्ति कुशवाह (26) का विवाह नानाखेड़ी निवासी नीतीश के साथ हुआ था. शुक्रवार सुबह तक सब कुछ सामान्य दिख रहा था. कीर्ति ने अपनी जेठानी के साथ पूजा-अर्चना की और फिर अपनी 10 माह की बेटी को लाड़-प्यार से खाना खिलाने लगी. जैसे ही जेठानी घर के पास स्थित मंदिर गई, घर के भीतर एक खौफनाक मंजर तैयार हो गया. अपनी ममता को पत्थर कर कीर्ति ने मासूम बच्ची की सांसें रोकने के लिए उसके मुंह और नाक में रुई ठूंस दी और खुद कमरे में लगे फंदे पर झूल गई.
जब जेठानी मंदिर से लौटी, तो कमरे का दृश्य देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई. कीर्ति फंदे पर लटकी थी और बगल में ही उसकी नन्हीं जान जमीन पर बेसुध पड़ी तड़प रही थी. पड़ोसियों की मदद से दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने कीर्ति को मृत घोषित कर दिया, जबकि मासूम बच्ची अपनी जिंदगी के लिए वेंटिलेटर और डॉक्टरों की निगरानी में संघर्ष कर रही है.
guna woman suicide baby critical electricity bill dispute
एक लाख का बिजली बिल बना विवाद की बड़ी वजह?
घटना के पीछे गहरे पारिवारिक विवाद और आर्थिक संकट की बात सामने आ रही है. बताया जा रहा है कि परिवार पर एक लाख रुपये से ज्यादा का बिजली बिल बकाया होने के कारण घर की बिजली काट दी गई थी, जिसे लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर तकरार होती थी.
अस्पताल में मृतका के मायके और ससुराल पक्ष के बीच जमकर हंगामा हुआ. जहाँ ससुराल पक्ष इसे आकस्मिक कदम बता रहा है, वहीं कीर्ति की मां का आरोप है कि उनकी बेटी को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था और मारपीट की जा रही थी, जिससे तंग आकर उसने यह कठोर कदम उठाया.
मासूम जिंदगी के लिए लड़ रही जंग, जांच में जुटी पुलिस
जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती 10 महीने की उस मासूम को देख हर किसी की आंखें नम हैं, जो शायद यह भी नहीं जानती कि जिस मां की गोद उसे सबसे सुरक्षित लगती थी, वही आज उसे अकेला छोड़ गई. पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है कि आखिर वो कौन सी चरम सीमा थी, जिसने एक मां को अपनी ही संतान की जान लेने पर मजबूर कर दिया.