शिवपुरी की धरती ने उगला 'सोना'; खदान से पहली बार निकला ग्रेनाइट, रोजगार व खनन उद्योग को मिलेगी नई रफ्तार

Granite Stone: शिवपुरी में अब तक पत्थर और फर्शी का व्यापक कारोबार होता रहा है, लेकिन यह पहली बार है जब यहां किसी खदान से ग्रेनाइट का उत्पादन शुरू हुआ है. सूत्रों के अनुसार, इस खदान को शुरू करने की तैयारी पिछले दो वर्षों से जारी थी.

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Granite Stone: शिवपुरी की धरती ने उगला 'सोना'; खदान से पहली बार निकला ग्रेनाइट, रोजगार व खनन उद्योग को मिलेगी नई रफ्तार

Shivpuri Granite Mine: पत्थर और फर्शी के लिए देशभर में पहचान रखने वाले शिवपुरी जिले (Shivpuri) में अब खनन उद्योग (Mining Industry) का नया अध्याय शुरू हो गया है. जिले के नरवर मगरौनी क्षेत्र के ग्राम विची में पहली बार ग्रेनाइट की खदान का संचालन शुरू किया गया है. लगभग 4 हेक्टेयर क्षेत्र में शुरू हुई इस खदान से निकल रहा ग्रेनाइट आने वाले वर्षों में जिले की पहचान को नया आयाम देने की क्षमता रखता है. खदान की लीज 20 वर्ष के लिए अनुमोदित की गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यवसाय के बड़े अवसर पैदा होंगे.

Granite Stone: शिवपुरी में ग्रेनाइड खदान

पहली बार जिले में निकला ग्रेनाइट

शिवपुरी में अब तक पत्थर और फर्शी का व्यापक कारोबार होता रहा है, लेकिन यह पहली बार है जब यहां किसी खदान से ग्रेनाइट का उत्पादन शुरू हुआ है. सूत्रों के अनुसार, इस खदान को शुरू करने की तैयारी पिछले दो वर्षों से जारी थी. इस दौरान माइनिंग विभाग और लीज संचालक ने मिलकर यहां से प्राप्त ग्रेनाइट के सैंपल टेस्टिंग के लिए भेजे थे. परीक्षण में गुणवत्ता उपयुक्त पाए जाने के बाद ही खदान का संचालन शुरू किया गया. सरकार को इस खदान की लीज से 20 लाख रुपए की राशि प्राप्त हुई है, जबकि माइनिंग विभाग को रॉयल्टी के रूप में निरंतर आय होती रहेगी.

ग्रेनाइट की पॉलिश राजस्थान में, बाद में शिवपुरी में लगेगा प्लांट

इस खदान से निकला ग्रेनाइट शुरूआती चरण में कटिंग और पॉलिशिंग के लिए किशनगढ़ (राजस्थान) भेजा जाएगा, जहां देश के प्रमुख ग्रेनाइट उद्योग स्थित हैं. पॉलिशिंग के बाद इसे देशभर में सप्लाई किया जाएगा.

हालांकि, माइनिंग विभाग के अनुसार भविष्य में शिवपुरी में ही कटिंग और पॉलिशिंग का प्लांट लगाने की तैयारी है. अनुमान है कि यह प्लांट करीब दो करोड़ रुपए की लागत से स्थापित किया जा सकता है.

प्लांट शुरू होने के बाद ग्रेनाइट की पूरी प्रोसेसिंग शिवपुरी में ही होगी, जिससे न सिर्फ यहां का उद्योग मजबूत होगा बल्कि आसपास के जिलों तक स्थानीय उत्पाद की सप्लाई संभव हो सकेगी.

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जिले के कई क्षेत्रों में मिल सकता है और ग्रेनाइट

माइनिंग विभाग अब अन्य इलाकों में भी ग्रेनाइट की संभावनाओं की तलाश कर रहा है. नरवर क्षेत्र के अलावा विची के पास फूलपुर, पिछोर के ग्राम गरेठा और अन्य स्थानों पर टेस्टिंग का काम जारी है. खनन कारोबारी अजय सिंह कुशवाह का कहना है कि शिवपुरी जिले में ग्रेनाइट की बहुत संभावनाएं हैं और यदि प्रशासन सहयोग करे तो यहां बड़े स्तर पर ग्रेनाइट उद्योग खड़ा किया जा सकता है. इससे हजारों लोगों के लिए रोजगार सृजन संभव है.

क्या बोले माइनिंग अधिकारी

शिवपुरी माइनिंग अधिकारी आर.एस. उइके के अनुसार, “शिवपुरी में पहली बार ग्रेनाइट की खदान संचालन में आई है. हम आसपास के क्षेत्रों में और भी संभावनाओं की खोज कर रहे हैं. यदि सब कुछ अनुकूल रहा तो आने वाले दिनों में जिले में ग्रेनाइट उद्योग तेज़ी से फल-फूल सकता है.”

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स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलने वाली ताकत

शिवपुरी में ग्रेनाइट खदान का शुरू होना केवल खनन उद्योग के लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण जिले की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

  •  नए उद्योगों का रास्ता खुलेगा
  • परिवहन, मशीनरी, निर्माण और व्यापार जगत को बढ़ावा मिलेगा
  • स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे

ग्रेनाइट की उच्च गुणवत्ता और बाजार में इसकी मांग को देखते हुए उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में शिवपुरी का ग्रेनाइट “शिवपुरी स्टोन” की तरह राष्ट्रीय ब्रांड छवि हासिल कर सकता है.

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