Sagar Hindi News: सागर जिले में रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के अंतर्गत सर्रा रेंज में अवैध सागौन तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे एक कार्यवाहक वनपाल पर तस्करों ने कुल्हाड़ी से प्राणघातक हमला कर दिया. हमले में वनपाल गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें पहले तारादेही के शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद देर रात बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर कर दिया गया. उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है.
जानकारी के अनुसार, सर्रा रेंज में पदस्थ कार्यवाहक वनपाल बृजेश सेन को मुखबिर से सूचना मिली थी कि भैंसा वीट क्षेत्र में सागौन की लकड़ी की अवैध कटाई कर तस्करी की जा रही है. सूचना के आधार पर वे मौके पर पहुंचे और वहां भूरे गौड़ एवं हुकुम गोंड नामक दो लोगों को संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाया. जब वनपाल ने उन्हें रोककर पूछताछ की, तो दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई.
वन विभाग का अमला पहुंचा
बताया जाता है कि विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने गुस्से में आकर वनपाल बृजेश सेन के सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया. अचानक हुए हमले से वे लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े. घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए. चौकीदार द्वारा तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई, जिसके बाद वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा और घायल वनपाल को गंभीर अवस्था में तारादेही स्थित शासकीय अस्पताल, जिला दमोह ले जाया गया.
जबलपुर किया रेफर
अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें जबलपुर रेफर कर दिया. कुल्हाड़ी के वार से उनके सिर से अत्यधिक रक्तस्राव हुआ है, जिससे उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है.
पहले भी हुई है फायरिंग
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वन विभाग की टीम पर शिकारियों द्वारा फायरिंग की घटना सामने आ चुकी है. लगातार हो रहे हमलों से वन अमले में आक्रोश व्याप्त है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
घटना की सूचना मिलते ही थाना तारादेही पुलिस ने वन विभाग के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि अवैध कटाई और तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.