इंग्लैंड से निवाड़ी आकर ओरछा में विदेशी पर्यटक ने ऐसे मनाया अपना जन्मदिन, कहा- ये अविस्मरणीय पल

England Ortem Celebrated Birthday In Orchha : इंग्लैंड के ओरटेम ने ओरछा में रामराजा सरकार के दरबार में अपना जन्मदिन मनाया है. सनातन परंपरा के अनुसार, अपना जन्मदिन मनाकर एक नया संदेश दिया है. रामराजा सरकार के दरबार में सत्यनारायण कथा और हवन भी किया है.

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Birthday Celebrated : भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत दुनिया भर के लोगों को आकर्षित करती है. मध्य प्रदेश के ओरछा में रामराजा सरकार के प्रति लोगों की अटूट आस्था हर किसी को भाव-विभोर कर देती है. कुछ ऐसा ही देखने को मिला जब इंग्लैंड के ओरटेम ने अपने 21वें जन्मदिन को भारतीय परंपराओं के अनुसार, मनाने का निर्णय लिया. उन्होंने सनातन संस्कृति के अनुसार पूजन, कथा और गरीबों को भोजन वितरण करके अपने जन्मदिन को एक आध्यात्मिक अनुभव में बदल दिया.

गरीबों को भोजन वितरित किया

ओरछा में एक विदेशी युवक ने जन्मदिन के अवसर पर ऐसा कुछ किया, जिसने सभी को अचंभित कर दिया. इंग्लैंड के निवासी ओरटेम ने रामराजा सरकार के दरबार में अपने 21वें जन्मदिन को पूरी हिंदू रीति-रिवाजों के साथ मनाया. उन्होंने सत्यनारायण भगवान की कथा सुनी, हवन किया और गरीबों को भोजन वितरित किया.

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'मुझे ईश्वर की शक्ति का अनुभव हुआ'

उनके इस अनूठे कदम ने ओरछा के लोगों को खासा प्रभावित किया.ओरटम ने कहा कि रामराजा मंदिर में प्रवेश करने पर मुझे ईश्वर की शक्ति का अनुभव हुआ. मुझे ऐसा लगा कि जिस तरह हिंदू अपना जन्मदिन मनाते हैं, वैसे ही मुझे भी मनाना चाहिए. यह मेरे लिए एक दिव्य अनुभव था. गाइड हेमंत गोस्वामी ने बताया कि ओरटेम और उनका परिवार भारतीय संस्कृति और अध्यात्म से गहरे प्रभावित हैं. वे यहां सनातन परंपरा के अनुसार, जन्मदिन मनाने विशेष रूप से आए थे. ओरटेम के साथ बहन जूलिया, भाई मार्टिन और मां स्युत लाना भी मौजूद थीं.

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ऐसे आया विचार 

उन्होंने सत्यनारायण भगवान की कथा का आयोजन किया. हवन किया और गरीबों को भोजन वितरित कर अपना जन्मदिन यादगार बनाया. ओरटम ने कहा कि जब उन्होंने रामराजा मंदिर में प्रवेश किया, तो उन्हें ईश्वर की अद्भुत शक्ति का अनुभव हुआ. यह अहसास उनके लिए अविस्मरणीय था, और उन्होंने उसी क्षण निर्णय लिया कि वे सनातन संस्कृति के अनुसार, अपना जन्मदिन मनाएंगे. इस आयोजन के दौरान, उन्होंने मंदिर के बाहर जरूरतमंदों को पूरी-सब्जी और अन्य भोजन वितरित किया. इस कार्य को देखकर स्थानीय लोग भी काफी प्रभावित हुए और उन्होंने ओरटम के इस फैसले की सराहना की.

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