Indore Digital Arrest : ठगों ने महिला से एफडी तुड़वा कर ऐंठ लिए एक करोड़ 60 लाख, 3 दिन बनाए रखा बंदी

Digital Arrest News: मध्य प्रदेश के इंदौर से डिजिटल अरेस्ट की बड़ी खबर सामने आई है. दरअसल, यहां एक महिला ठगों ने 1 करोड़ 60 लाख रुपये की ठगी कर ली है.

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Digital Arrest Scam: इंदौर (Indore) में ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां अपराधियों ने एक महिला को डिजिटल अरेस्ट (digital Arrest) पर रखकर 1 करोड़ 60 लाख रुपए ठग लिए. महिला से यह रकम फर्जी तरीके से एफडी तुड़वाकर अपने खातों में ट्रांसफर कराई गई. इस मामले की शिकायत सायबर सेल थाने में दर्ज की गई, जिसके बाद पूरा घटनाक्रम उजागर हुआ.

दरअसल, इंदौर की निवासी 40 वर्षीय वंदना गुप्ता शेयर और कमोडिटी में व्यापार करती हैं. उन्हें अपराधियों ने अपना शिकार बनाया. अपराधियों ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का अधिकारी बताकर 9 नवंबर से 11 नवंबर तक वंदना को कॉल पर रखा. इस दौरान,  उन्हें डराया गया कि उनके बैंक खाते में अवैध ट्रांजैक्शन हुआ है और उन पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज होगा.इसके साथ ही महिला को जेल भेजने की धमकी देकर एफडी तोड़ने और 1.60 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया. 

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सायबर सेल का बयान

सायबर सेल के डीएसपी नरेंद्र सिंह रघुवंशी का कहना है कि "यह ठगी का एक संगठित मामला लगता है. अपराधियों ने महिला को मानसिक दबाव में रखकर रकम हासिल की. जांच जारी है और जल्द ही अपराधियों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा.

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ठगों ने चली ये चाल

फर्जी ईडी अधिकारी बनना: अपराधी सरकारी अधिकारी होने का दावा कर भरोसा दिलाया.
डर और भ्रम का माहौल बनाना: अवैध लेनदेन और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर महिला को झांसे में लिया गया.
एफ.डी. तुड़वाना और गोल्ड लोन का दबाव: रकम ट्रांसफर करवाने के बाद गोल्ड लोन लेने का भी दबाव बनाया गया.

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सतर्कता की ज़रूरत

इस मामले से यह साफ है कि ठगों के नए तरीके मानसिक दबाव और भ्रम पैदा कर लोगों को ठगने पर आधारित है. ऐसे में हर नागरिक को सतर्क रहना चाहिए. कभी आपके साथ भी ऐसा हो, तो इससे बचने के लिए नीचे बताए गए उपायों पर जरूर अमल करें. 

आधिकारिक कॉल की पुष्टि करें: किसी भी सरकारी एजेंसी से संबंधित कॉल आने पर उसकी जांच करें.
अपनी वित्तीय जानकारी गोपनीय रखें: बैंक डिटेल्स, ओटीपी या अन्य व्यक्तिगत जानकारी किसी को साझा न करें.
सायबर सेल से संपर्क करें: किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें. 

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इंदौर की यह घटना डिजिटल ठगी के बढ़ते खतरे को उजागर करती है. ऐसे में यह जरूरी है कि लोग सतर्क रहें और ऐसी घटनाओं से बचने के लिए जागरुकता बढ़ाएं. हालांकि, सायबर सेल इस मामले की जांच में जुटी है और जल्द ही अपराधियों को पकड़ने की उम्मीद है.

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