धार जिले के धरमपुरी थाने में पारिवारिक विवाद को लेकर महिला दीपिका ठाकुर ने पहले तो थाने पहुंचकर पुलिसकर्मियों से विवाद और अभद्रता की, जिसके बाद खुद पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर आग लगा ली. घटना के दौरान उसे बचाने की कोशिश में धरमपुरी थाने के सब इंस्पेक्टर अतुल जोशी और एक अन्य पुलिसकर्मी भी आग की लपटों की चपेट में आ गए, जिससे उनके हाथ झुलस गए.
दीपिका को तुरंत धरमपुरी के शासकीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके बाद बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर कर दिया गया है. डॉक्टरों के अनुसार दीपिका करीब 13 प्रतिशत ही जली है और उसकी हालत फिलहाल सामान्य बताई जा रही है.
जमीन विवाद चल रहा
घटना की सूचना मिलते ही धार पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा और एडिशनल एसपी विजय डावर मौके पर पहुंचे. एडिशनल एसपी विजय डावर ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि दीपिका ठाकुर और उसके पति काशिफ का उसके परिजनों से पैसों के लेनदेन और जमीनी विवाद चल रहा है.
पुलिस ने केस दर्ज कर शुरू की जांच
पुलिस के मुताबिक महिला की प्रवृत्ति पहले भी विवादित रही है. वह पूर्व में कभी पानी की टंकी तो कभी मोबाइल टावर पर चढ़कर आत्महत्या करने का प्रयास कर चुकी है और विभिन्न तरह की धमकियां देती रही है. रविवार को भी दीपिका और उसके पति काशिफ ने धरमपुरी थाने पहुंचकर पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की, जिसके बाद दीपिका ने आगजनी की घटना को अंजाम दिया. पुलिस ने इस मामले में दीपिका के पति काशिफ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है और पूरे घटनाक्रम की गहन जांच शुरू कर दी है.