Ambulance Missing: मध्य प्रदेश में अचानक गायब हुए 100 से अधिक एंबुलेंस, वजह जान पकड़ लेंगे माथा!

Ambulance Out Of Order: दरअसल, एंबुलेंस पायलट पद पर तैनात पायलट का पुलिस वेरिफिकेशन एंबुलेंस कंपनी की लापरवाही के चलते रीन्यू नहीं हो पाया, जिससे गर्भवती महिलाओं और बच्चों को इलाज के लिए सेवारत एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो रहा है. दिलचस्प है कि अकेले दमोह में दर्जन भर एंबुलेंस ठप हैं. 

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
100 ABOVE AMBULANCES DISAPPEARED FROM MADHYA PRADESH ROADS

 Ambulance Stopped: मध्य प्रदेश के दमोह जिले समेत पूरे प्रदेश में 100 से अधिक मुफ्त एंबुलेंस वाहन अचानक सड़क से गायब हो गए हैं. सड़क से लापता हुईं एंबुलेंस की वजह सुनेंगे कि तो आपके हंसी छूट जाएगी. जी हां, आपातकाल में संचालित होने वाले 100 से अधिक एंबुलेंस के ठप पड़ने की वजह पायलेट का पुलिस वेरिफिकेशन बताया जा रहा है.

दरअसल, एंबुलेंस पायलट पद पर तैनात पायलट का पुलिस वेरिफिकेशन एंबुलेंस कंपनी की लापरवाही के चलते रीन्यू नहीं हो पाया, जिससे गर्भवती महिलाओं और बच्चों को इलाज के लिए सेवारत एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो रहा है. दिलचस्प है कि अकेले दमोह में दर्जन भर एंबुलेंस ठप हैं. 

ये भी पढ़ें-Honeytrap: हमबिस्तर थे तब चुपके से बना लिया था आपत्तिजनक VIDEO, अब महिला बदले में मांग रही है पुश्तैनी जमीन में हिस्सा

एंबुलेंस पायलट का एक्सपायर हुआ पुलिस वेरिफिकेशन 

रिपोर्ट के मुताबिक दमोह जिला अस्पताल के कैंपस में खड़ी 108 जननी एंबुलेंस वाहन महज इसलिए ऑफ रोड हैं, क्योंकि एंबुलेंस को चलाने वाले पायलट का पुलिस वेरिफिकेशन एक्सपायर हो गया है, जब तक पायलट अपना पुलिस वेरिफिकेशन फिर से अपडेट करके नहीं भेजेगा, तब तक प्रदेश में संचालित सभी एंबुलेंस सेवाएं ठप रहेंगी.

दमोह जिले में ठप पड़ी है एक दर्जन से ज्यादा एंबुलेंस 

गौरतलब है अकेले दमोह जिले की एक दर्जन से ज्यादा एंबुलेंस इसके चलते ठप पड़ी है. माना जा रहा है पूरे प्रदेश में 100 से ज्यादा एंबुलेंस सेवाएं ठप पड़ी हैं. सवाल उठता है कि आखिर JAES कंपनी को आखिरी दिनों में ही क्यों याद आया कि पायलेट के पुलिस वेरिफिकेशन एक्सपायर हो चुके हैं. 

Advertisement

ये भी पढ़ें-Viral Road Stunt: सरपट दौड़ रही स्कूटर पर अचानक खड़ा हो गया युवक, वायरल हो रहा वीडियो!

बड़ा सवाल है कि एंबुलेंस पायलट बिना पुलिस वेरिफिकेशन के अब तक वाहन क्यों चलाते रहे. यह सीधा-सीधा पायलट और एंबुलेंस संचालक कंपनी JAES की लापरवाही है, जिसका खामियाजा अब आम इंसान को भुगतना पड़ रहा है, क्योंकि अब वो एंबुलेंस का उपयोग नहीं कर पाएंगे.

बिना पुलिस वेरिफिकेशन के वाहन चलाते रहे पायलट

इससे भी बड़ा सवाल है कि एंबुलेंस पायलट बिना पुलिस वेरिफिकेशन के अब तक वाहन क्यों चलाते रहे. यह सीधा-सीधा पायलट और एंबुलेंस संचालक कंपनी JAES की लापरवाही है, जिसका खामियाजा अब आम इंसान को भुगतना पड़ रहा है. क्योंकि आपातकाल में उपयोग में आने वाली एंबुलेंस अब उनसे दूर है, जो किसी के लिए भी जोखिम हो सकता है.

ये भी पढ़ें-MP Chilling: MP में लोगों की छूट रही कंपकंपी, प्रदेश के सबसे ठंडे शहरों में शुमार हुआ इंदौर, 4-5 डिग्री तक पहुंचा पारा

Advertisement