मजदूरों की शिकायतों पर कलेक्टर हुए सख्त, माइसेम सीमेंट फैक्टी पर मामला दर्ज, अधिकारियों को फटकारा

कलेक्टर ने माइसेम सीमेंट फैक्टी के जमकर फटकारा. साथ ही कंपनी प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि फैक्ट्री के अंदर ही पार्किंग की व्यवस्था की जाए.

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माइसेम सीमेंट फैक्ट्री में औचक निरीक्षण करने पहुंचे दमोह कलेक्टर

दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव नरसिंहगढ़ स्थित माइसेम सीमेंट फैक्ट्री का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे. इस दैरान मजदूरों ने कलेक्टर से शिकायत की थी. जिसके बाद कलेक्टर ने श्रम विभाग को तत्काल मामला दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.

कलेक्टर ने कंपनी के अधिकारियों को फटकारा

काम करने वाले मजदूरों ने कलेक्टर से बताया कि उन्हें सुरक्षा उपकरण कंपनी की ओर से नहीं दिए जाते. वह खुद ही सुरक्षा उपकरणों को खरीदते हैं. जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की. मजदूरों ने बताया कि उन्हें नियमित नहीं किया जा रहा, जबकि वे पिछले कई सालों से फैक्ट्री में काम कर रहे हैं. उन्हें पूरे वेतन का भुगतान भी ठेकेदार द्वारा नहीं किया जाता. किस्तों में भुगतान दिया जाता है, जिसपर कलेक्टर ने नाराजगी जताई.

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मजदूरों ने कलेक्टर से की थी शिकायत

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि हमें लगातार शिकायत मिल रही थी कि फैक्ट्री में मजदूरों को शासन के निर्देश के तहत राशि नहीं मिल रही. 8 घंटे से अधिक का काम कराया जा रहा है, लेकिन उतना पेमेंट नहीं दिया जा रहा है. ओवर टाइम का पैसा डबल मिलना चाहिए, वह भी मजदूरों को नहीं दिया जा रहा. सुरक्षा उपकरण भी नहीं दिए जाते हैं. मजदूर अपने पैसों से सुरक्षा उपकरण खरीद रहे हैं.

कलेक्टर ने आगे बताया कि मजदूरों को वेतन स्लिप भी नहीं मिल रही, इसके अलावा भोजन करने के लिए उन्हें व्यवस्थित जगह नहीं है. इसके अलावा मजदूरों ने यह भी बताया कि उन्हें एक मुश्त  पेमेंट नहीं किया जा रहा है. किस्तों में पेमेंट दिया जा रहा है. इसलिए तत्काल श्रम विभाग को मामला दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही मजदूरों को पार्किंग के लिए जगह नहीं है. मजदूर अपने वाहन सड़क पर खड़े करते हैं, जिससे आए दिन उनके वाहनों की चोरी होती है.

कंपनी प्रबंधन को सख्त निर्देश

कलेक्टर ने बताया कि कंपनी प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि फैक्ट्री के अंदर ही पार्किंग की व्यवस्था की जाए, क्योंकि यह संस्थान की जिम्मेदारी है.  इसके अलावा काम के दौरान यदि कर्मचारियों के साथ कोई हादसा होता है तो यह कंपनी की जवाबदेही बनती है कि उसका इलाज कंपनी की ओर से कराया जाए. निरीक्षण के दौरान पथरिया एसडीएम निकेत चौरसिया, नायब तहसीलदार वृदेश पांडे, श्रम अधिकारी समेत अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद थे.

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