SIR Controversy: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में SIR प्रक्रिया के तहत फॉर्म–7 का दुरुपयोग कर भाजपा (BJP) संगठन के इशारे पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम काटने का कांग्रेस ने आरोप लगाया है. इसके साथ ही इसके विरोध में कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज दर्ज कराया है. इसी कड़ी में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को थाना राजेंद्र नगर पहुंचा और औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई. उनके साथ मध्य प्रदेश कांग्रेस SIR राज्य स्तरीय समिति के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा भी मौजूद थे.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, सज्जन सिंह वर्मा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े के साथ कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने थाना प्रभारी नीरज बिरथरें से मुलाकात कर बिजलपुर निर्वाचन केंद्र के संबंधित BLO और फर्जी आपत्ति दर्ज कराने वाले आपत्तिकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने की मांग की. कांग्रेस का कहना है कि बिना सत्यापन, बिना मौके की जांच और एकतरफा आपत्तियों के आधार पर नाम काटना गंभीर आपराधिक कृत्य है.
कांग्रेस ने लगाए ये गंभीर आरोप
इसके बाद राजेंद्र नगर थाने पर मीडिया से संवाद करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि भाजपा सरकार एक तरफ लोकतंत्र का गला घोंट रही है. वहीं, दूसरी तरफ मतदाताओं से उनका मताधिकार छीना जा रहा है. पूरे प्रदेश में भाजपा नेताओं की ओर से फॉर्म–7 का दुरुपयोग कर लाखों की संख्या में फर्जी आपत्तियां दर्ज करवाई गई. यह एक सुनियोजित षड्यंत्र है, जिसके तहत विशेष रूप से दलित, पिछड़ा, आदिवासी और अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है.
पटवारी ने की कार्रवाई की मांग
इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि मैं राऊ विधानसभा के एक बूथ का कांग्रेस पार्टी से BLA हूं, जहां सरकारी BLO और BJP का BLA मिलकर षड्यंत्र के तहत पात्र मतदाताओं के नाम काट रहे हैं. यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी देकर फॉर्म 7 के माध्यम से किसी मतदाता का नाम कटवाने की आपत्ति दर्ज करता है, तो उस पर सेक्शन 31 (Representation of the People Act, 1950) के तहत एक साल की सजा का प्रावधान है.
फॉर्म 7 के जरिए नाम काटने का लगाया आरोप
पटवारी ने कहा कि मेरी विधानसभा राऊ में सरकारी BLO और भारतीय जनता पार्टी के BLA की सांठगांठ से फॉर्म 7 के जरिए कांग्रेस के मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं, जो एक कानूनी अपराध है. इस गड़बड़ी के सबूत होने के बाद भी मुख्यमंत्री मोहन यादव की पुलिस दोषियों पर FIR दर्ज नहीं कर रही है. उन्होंने दावा किया कि मेरे मतदान केंद्र पर ऐसा व्यक्ति आपत्ति लगा रहा है, जो उस मतदान केंद्र का निवासी भी नहीं है. उसने 52 से अधिक आपत्तियां लगाई है, जो पूर्ण रूप से निराधार है. जिन लोगों के खिलाफ आपत्ति दर्ज करवाई गई है, उनका नाम 2003 की मतदाता सूची में भी दर्ज है और वह अब भी इस मतदान केंद्र के निवासी भी है, लेकिन भाजपा शासन के दबाव में फॉर्म 7 का दुरुपयोग करते हुए फर्जी आपत्ति लगाई गई है, जिसमें शासकीय बीएलओ ने भी बिना जांच पड़ताल किए उक्त आपत्तियों पर कार्रवाई करते हुए 52 से अधिक नामों को मतदाता सूची से विलोपित कर दिया गया है, न ही बीएलओ की ओर से उस आपत्तियों पर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन किया गया, न ही पंचनामा बनाया गया.
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जीतू पटवारी ने स्पष्ट किया कि SIR प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस प्रदेश के हर जिले और हर थाने में FIR दर्ज करवाएगी, और इस मुद्दे को सड़क से सदन तक उठाया जाएगा.