सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें नजरअंदाज करना पड़ा भारी, कलेक्टर ने 19 अधिकारियों का काटा वेतन

ग्वालियर में सीएम हेल्पलाइन शिकायतों को नजरअंदाज करने पर कलेक्टर रुचिका चौहान ने सख्त कार्रवाई की है. 19 अधिकारियों का तीन दिन का वेतन काटा गया. यह कदम अक्टूबर माह की शिकायतों के आधार पर उठाया गया है.

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CM Helpline Action: ग्वालियर में सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को समय पर अटेंड न करना अधिकारियों को महंगा पड़ गया. कलेक्टर रुचिका चौहान ने सख्त कार्रवाई करते हुए 19 अधिकारियों का तीन-तीन दिन का वेतन काटने के आदेश जारी किए हैं. यह कदम अक्टूबर माह में प्राप्त हुई शिकायतों के आधार पर उठाया गया है. कलेक्टर ने साफ चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

शिकायतों पर कार्रवाई में लापरवाही

सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का समय पर निराकरण करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है. लेकिन ग्वालियर में कई अधिकारी शिकायतों को नजरअंदाज करते रहे. इस लापरवाही के चलते कलेक्टर ने एल-1 स्तर के अधिकारियों को नोटिस जारी कर वेतन काटने का आदेश दिया.

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19 अधिकारियों पर गिरी गाज

जिन अधिकारियों का वेतन काटा गया है, उनमें संस्थागत वित्त, नगर निगम, विद्युत वितरण कंपनी, विश्वविद्यालय और पशु चिकित्सा विभाग से जुड़े अधिकारी शामिल हैं. इनमें प्रियंका बंसल, रवि रंजन, अफाक मंसूरी, प्रत्यूष श्रीवास्तव, अजय सिंह, देवेंद्र पाल सिंह, शंकरानंद झा, केसी अग्रवाल, आशीष कुमार रोशन, महेंद्र सिंह कौशल, विपिन कुमार उइके, नितेश कुमार सिन्हा, धीरज सेन, अजय जैन, पियूष श्रीवास्तव, सचिन गुजराती, डॉ. कृष्ण कुमार शर्मा, विकास रंजन और छाया यादव के नाम शामिल हैं.

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कलेक्टर की सख्त चेतावनी

कलेक्टर रुचिका चौहान ने वेतन काटने के आदेश के साथ ही सभी अधिकारियों को आगाह किया है कि भविष्य में सीएम हेल्पलाइन से जुड़ी शिकायतों के निराकरण में पूरी सतर्कता बरतें. उन्होंने कहा कि शासन द्वारा तय दिशा-निर्देशों का अक्षरश: पालन करना जरूरी है और किसी भी तरह की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी.

जिम्मेदारी निभाने का संदेश

इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि जनता की शिकायतों को हल्के में लेना अब अधिकारियों को भारी पड़ेगा. कलेक्टर ने स्पष्ट कर दिया है कि हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतें सीधे जनता की समस्याओं से जुड़ी होती हैं, इसलिए उनका समय पर निराकरण करना ही अधिकारियों की पहली जिम्मेदारी है.

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