इंस्टाग्राम पर दोस्ती, फिर की दरिंदगी; गर्भपात की दवा देने से नाबालिग छात्रा की मौत

बुरहानपुर में इंस्टाग्राम की दोस्ती का रूह कंपा देने वाला अंत हुआ. नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के बाद आरोपी द्वारा जबरन गर्भपात की दवा खिलाने से उसकी मौत हो गई. पुलिस ने मुख्य आरोपी गणेश चौधरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

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Minor Death Instagram Case: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में एक मासूम छात्रा ने इंस्टाग्राम पर एक अनजान युवक को दोस्ती की. दोस्ती के नाम पर आरोपी ने न केवल मासूम की अस्मत लूटी, बल्कि जब उसे पता चला कि छात्रा गर्भवती हो गई है, तो उसने अपनी हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए उसे चोरी-छिपे गर्भपात की दवा खिला दी. इसी दवा के रिएक्शन ने नाबालिग छात्रा की जान ले ली. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम और गुस्से का माहौल है.

इंस्टाग्राम की दोस्ती और हवस का शिकार

बुरहानपुर जिले में सामने आए इस मामले ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है. आरोपी गणेश चौधरी ने पहले तो इंस्टाग्राम के जरिए नाबालिग छात्रा को अपनी मीठी बातों के जाल में फंसाया और फिर दोस्ती की आड़ में उसके साथ बलात्कार जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया. नाबालिग बच्ची इस शातिर युवक की असलियत समझ नहीं पाई और लगातार उसके शोषण का शिकार होती रही.

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जब छात्रा को गर्भ ठहरा, तो आरोपी गणेश बुरी तरह घबरा गया. अपनी करतूत को छुपाने के लिए उसने छात्रा को गर्भपात की दवा लाकर दी और उसे खाने के लिए मजबूर किया. दवा खाने के कुछ ही समय बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और शरीर पर इसका खतरनाक रिएक्शन हुआ. जब हालत ज्यादा खराब हुई तो परिजनों ने आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया. वहां जिंदगी और मौत के बीच जूझते हुए पीड़िता ने अपने परिजनों को पूरी आपबीती सुनाई.

इलाज के दौरान तोड़ा दम  

परिजनों ने बिना देर किए मामले की सूचना पुलिस को दी, जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी गणेश चौधरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. डॉक्टरों की कोशिशों के बाद भी छात्रा की हालत में सुधार नहीं हुआ और आखिरकार उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया. मासूम की मौत की खबर सुनते ही अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई. पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया. 

इस घटना ने बुरहानपुर के समाजसेवियों और आम लोगों को झकझोर दिया है. लोगों का कहना है कि जिले में इस तरह का यह पहला और बेहद खौफनाक मामला है. समाजसेवी संस्थाओं ने शासन-प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि ऐसे दरिंदे को फांसी जैसी सख्त से सख्त सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई भी अपराधी ऐसी हिमाकत करने से पहले 100 बार सोचे.