हरदा जिले का भुआणा का गणगौर उत्सव राष्ट्रीय मंच तक पहुंचा, 21 मार्च को दूरदर्शन पर होगा प्रसारण

Bhuana Gangaur Festival: हरदा जिले में गणगौर महोत्सव की धूम 9 दिनों तक होती है. हर दिन रात्रि में प्रस्तुति दी जाती है. वहीं गणगौर महोत्सव में मालवा, निमाड़ और भुआणा क्षेत्र की साझा संस्कृति की झलक देखने को मिलती है. इस दौरान गांवों में कन्याएं और महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य और पूजा के माध्यम से माता गौरा की आराधना करती हैं.

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Bhuana Gangaur Festival: हरदा जिले का भुआणा क्षेत्र में इन दिनों गणगौर उत्सव की धूम मची हुई है. जिले के ग्राम बालागांव, कनारदा, धौलपुर, कालपी कासरनी और अन्य ग्रामों में उत्सवी माहौल के बीच हरदा के कलाकारों ने अपनी कला के दम पर जिले को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का काम किया है. स्वर प्रभा संगीत कला अकादमी को राष्ट्रीय चैनल दूरदर्शन से प्रस्तुति के लिए आमंत्रण मिला, जहां कलाकारों ने गणगौर उत्सव और निमाड़ी संस्कृति पर आधारित अपनी प्रस्तुति की रिकॉर्डिंग कराई. यह विशेष कार्यक्रम 21 मार्च को दूरदर्शन के राष्ट्रीय चैनल पर प्रसारित किया जाएगा, जिसे देशभर के दर्शक देख सकेंगे.

अकादमी की गायिका मिशा शर्मा अपने मंडल 'मां कात्यायनी शक्ति गणगौर मंडल' के साथ दूरदर्शन के स्टूडियो पहुंचीं. यहां मंडल के कलाकारों ने पारंपरिक गणगौर गीतों और लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी. रिकॉर्डिंग के दौरान कलाकारों ने निमाड़ की लोक संस्कृति और गणगौर उत्सव की परंपराओं को मंच पर जीवंत रूप में प्रस्तुत किया. कार्यक्रम के प्रसारण से क्षेत्र की लोक परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है.

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पहले भी देश-दुनिया तक पहुंच चुकी है निमाड़ी संस्कृति

कार्यक्रम में नृत्य प्रस्तुति देने वालों में प्रियांशी, भूमी, पूजा, साधना रानी, पायल, लक्ष्मी, हर्षा, दुर्गा और मीनाक्षी शामिल रहीं. वहीं गायन में मिशा शर्मा और सुमित शर्मा ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा. संगीत में ढोलक पर मयंक मालवीय, तबले पर सान्निध्य गंगराड़े और ऑक्टोपैड पर दिव्यांश शर्मा ने संगत देकर प्रस्तुति को और आकर्षक बनाया.

दूरदर्शन पर प्रसारण 21 मार्च को

बता दें कि भुआणा क्षेत्र की गणगौर परंपरा और निमाड़ की लोक संस्कृति को पहले भी कई मंचों के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाया जा चुका है. स्वर प्रभा संगीत कला अकादमी के सुमित शर्मा लगातार अपने विद्यार्थियों को तैयार कर बड़े मंचों पर प्रस्तुति का अवसर दिला रहे हैं. दूरदर्शन पर होने वाला यह प्रसारण हरदा और भुआणा क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण माना जा रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है इससे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और अधिक मजबूत होगी और आने वाली पीढ़ियों को भी अपनी लोक परंपराओं से जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी.

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