Bhopal-Orchha Helicopter Service: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Dr Mohan Yadav) ने 25 मार्च को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि रामनवमी के पावन पर्व से भोपाल से ओरछा के बीच हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की जाएगी. यह सेवा धार्मिक आस्था से जुड़े श्रद्धालुओं के लिए यात्रा को आसान और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. राज्य सरकार का कहना है कि सनातन संस्कृति से जुड़े तीर्थ स्थलों तक पहुंच को सरल बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश के अन्य प्रमुख तीर्थ स्थलों पर भी दर्शन की सुगमता को ध्यान में रखते हुए सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो.
जन्मदिन पर रवीन्द्र भवन परिसर में एमपीटी कैफे कल्चर हाउस का शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने जन्म दिवस के अवसर पर रवीन्द्र भवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दिव्यांग बच्चों के साथ आत्मीय संवाद किया. इसी दौरान एमपीटी कैफे कल्चर हाउस का शुभारंभ भी किया गया. कार्यक्रम में शामिल बच्चों ने केक काटकर मुख्यमंत्री को जन्मदिन की बधाई दी, गीत प्रस्तुत किया और उन्हें एक पेंटिंग भेंट की. बालिका सिहायना तिवारी ने इस अवसर पर कविता पाठ कर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया. उन्होंने प्रभु श्रीराम के संघर्ष पर भी कविता प्रस्तुत की, जिसे सभी ने सराहा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे. कार्यक्रम में शामिल बच्चे बाल निकेतन और आरूषि संस्थान से जुड़े थे.
सांस्कृतिक गतिविधियों का केन्द्र रहा है रवीन्द्र भवन
मुख्यमंत्री ने बच्चों से बातचीत करते हुए कहा कि रवीन्द्र भवन लंबे समय से प्रदेश की सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केन्द्र रहा है. वर्षों से यह स्थान कलाकारों, साहित्यकारों और संस्कृति प्रेमियों से जुड़ा रहा है. उन्होंने कहा कि यहां सांस्कृतिक और ग्रामीण जीवन की थीम पर विकसित किया गया कैफे कल्चर हाउस कला, संस्कृति और स्थानीय परंपराओं को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगा.
एमपीटी कल्चर कैफे हाउस: कला, भोजन और प्रकृति का संगम
पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने बताया कि रवीन्द्र भवन परिसर स्थित एमपीटी कल्चर कैफे हाउस में करीब 85 लोगों के बैठने की व्यवस्था है. यह कैफे शांत और सुकूनभरा वातावरण प्रदान करता है. यहां का मेन्यू प्रदेश के पारंपरिक और क्षेत्रीय व्यंजनों पर आधारित है, जिसमें भुट्टे का कीस, रागी बालूशा और कोदो अरंचिनी जैसे व्यंजन शामिल हैं. लैंडस्केप-आधारित इस कैफे को हरियाली और प्राकृतिक तत्वों के साथ आधुनिक वास्तुशिल्प में ढाला गया है. हाथ से तराशी गई लकड़ी की बैठकों, टेराकोटा, पत्थर, बांस और जूट से बने कलात्मक कार्य प्रदेश के स्थानीय सृजनकर्ताओं की रचनात्मकता को दर्शाते हैं. कैफे का इंटीरियर हस्तशिल्प और कलाकृतियों से सुसज्जित है, जिसे ‘क्रिएटिव हब' के रूप में विकसित किया गया है.
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