मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में पुलिस ने सशस्त्र बल (SAF) के दो आरक्षकों को गिरफ्तार किया है. मुख्य आरोपी ने अपनी बेटी के जन्मदिन का बहाना बनाकर किशोरी को बुलाया और फिर वारदात को अंजाम दिया.
मामला 22 जुलाई की शाम का है. धार में पदस्थ SAF आरक्षक संतोष सेन ने एक परिचित महिला के मोबाइल से पीड़िता को फोन किया. संतोष पीड़िता का पड़ोसी बताया जा रहा है. उसने अपनी बेटी की बर्थडे पार्टी का झांसा देकर किशोरी को भोपाल के लाल परेड मैदान के पास बुलाया.
दोस्त देता रहा पहरा, कार में था 3-4 साल का बच्चा
शाम करीब 6:30 बजे किशोरी जब लाल परेड मैदान पहुंची, तो वहां संतोष सेन के साथ ग्वालियर में पदस्थ आरक्षक जितेंद्र राजपूत अपनी कार में मौजूद था. कार में जितेंद्र का 3-4 साल का बेटा भी बैठा था. इसके बाद संतोष किशोरी को एमपी नगर स्थित एक मकान में ले गया और दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया. इस दौरान साथी आरक्षक जितेंद्र बाहर रहकर पहरा देता रहा.
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POCSO और BNS के तहत मामला दर्ज
घटना के बाद पीड़िता ने तुरंत अपने परिजनों को आपबीती बताई. पुलिस ने पहले कमला नगर थाने में जीरो FIR दर्ज की, जिसके बाद मामला जहांगीराबाद थाने ट्रांसफर किया गया. पुलिस ने पोक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर दोनों आरोपी आरक्षकों को गिरफ्तार कर लिया है. कोर्ट में पेश करने के साथ ही घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं.