Bhopal Beef Case Update: भोपाल में गौमांस मिलने के मामले ने प्रदेश की सियासत से लेकर कानून-व्यवस्था तक हलचल मचा दी है. इसी बीच सेशन कोर्ट ने गोमांस तस्करी के आरोपी असलम कुरैशी को 35 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी. अदालत में भानू हिंदू की ओर से जमानत का विरोध भी हुआ, लेकिन दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार जैन की कोर्ट ने आदेश पारित किया. घटना से जुड़ी जांच रिपोर्ट में गौमांस की पुष्टि के बाद प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है.
अदालत का फैसला
सेशन कोर्ट ने आरोपी असलम कुरैशी को जमानत दी है. सुनवाई के दौरान भानू हिंदू ने जमानत पर आपत्ति दर्ज कराई थी, लेकिन अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद 35,000 रुपये के बांड पर जमानत मंज़ूर कर दी. आदेश अपर सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार जैन की कोर्ट से पारित हुआ.
मामला कैसे भड़का?
दरअसल, 17 दिसंबर 2025 की रात हिंदू संगठनों ने पुलिस मुख्यालय (PHQ) के सामने एक ट्रक रोका, जिसमें 25–26 टन मांस होने का दावा किया गया. ट्रक जब्त कर सैंपल जांच के लिए भेजा गया और अब आई रिपोर्ट में गौमांस की पुष्टि सामने आने की बात कही गई. रिपोर्ट के बाद मामला तेजी से तूल पकड़ गया. गौमांस की पुष्टि की रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन ने तत्काल सख्ती दिखाई. भोपाल नगर निगम के स्लॉटर हाउस को सील कर दिया गया. निगम अधिकारियों ने गेट पर ताला लगाकर सभी गतिविधियां फिलहाल रोक दी हैं.
सड़क पर विरोध और आरोप
रिपोर्ट के सामने आने के बाद हिंदूवादी संगठनों ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन आधिकारिक बयान देने में टालमटोल कर रहा है और कार्यकर्ताओं को विभागों के बीच भटका रहा है.
पुलिस की स्थिति और पूछताछ
पुलिस का कहना है कि अंतिम रिपोर्ट और विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी. इसी बीच, स्लॉटर हाउस के संचालक असलम चमड़ा को हिरासत में लेकर सप्लाई चेन, पैकिंग और परिवहन से जुड़े बिंदुओं पर पूछताछ की जा रही है. एक ओर कोर्ट से असलम कुरैशी को जमानत मिल चुकी है, दूसरी ओर प्रशासनिक सख्ती और राजनीतिक बयानबाज़ी साथ-साथ चल रही है.