Bhojshala Basant Panchami 2026: धार जिले की ऐतिहासिक भोजशाला–कमाल मौला मस्जिद परिसर में इस बार बसंत पंचमी और शुक्रवार एक ही दिन पड़ने से प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. 23 जनवरी को होने वाले इस मौके पर किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं. पुलिस और प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है और साफ कर दिया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी.
आईजी ने लिया सुरक्षा का जायजा
इंदौर संभाग के पुलिस महानिरीक्षक अनुराग ने मंगलवार को भोजशाला–कमाल मौला मस्जिद परिसर का निरीक्षण किया. उन्होंने धार जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और जरूरी निर्देश दिए. आईजी ने कहा कि बसंत पंचमी का पर्व आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण माहौल में मनाया जाए.
8000 पुलिस बल तैनात रहेगा
आईजी अनुराग ने बताया कि सुरक्षा के लिए करीब 8 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे. इसमें सीआरपीएफ, रैपिड एक्शन फोर्स और अन्य सुरक्षा बलों की कंपनियां शामिल होंगी. इसके अलावा शहर में दोपहिया, चारपहिया और पैदल पुलिस पेट्रोलिंग होगी. संवेदनशील इलाकों पर खास नजर रखी जाएगी और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी. सोशल मीडिया पर भी कड़ी मॉनिटरिंग होगी.
भोजशाला–कमाल मौला मस्जिद परिसर विवाद का इतिहास
भोजशाला–कमाल मौला मस्जिद परिसर का विवाद दशकों पुराना है. हिंदू पक्ष इसे मां सरस्वती का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद मानता है. पिछले साल हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने टाइटल तय करने की याचिका दायर की थी. इसके बाद हाई कोर्ट के आदेश पर एएसआई ने 98 दिनों तक सर्वे कर रिपोर्ट जमा की. फिलहाल इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा रखी है और अंतिम निर्णय का इंतजार है.
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मंगलवार और शुक्रवार की व्यवस्था
यह परिसर पुरातत्व विभाग के अधीन है. 2003 के आदेश के अनुसार, हर मंगलवार को सूर्योदय से सूर्यास्त तक हिंदू समाज को प्रवेश की अनुमति है, जबकि शुक्रवार को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक मुस्लिम समाज जुम्मे की नमाज अदा करता है. बसंत पंचमी पर हिंदू समाज को परंपरागत उत्सव मनाने की अनुमति है. विवाद तब बढ़ता है जब बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ती है, क्योंकि दोनों समुदायों की व्यवस्थाएं एक साथ करनी पड़ती हैं.
व्यापार और विवाह पर असर
तनावपूर्ण स्थिति का असर स्थानीय व्यापार और विवाह समारोहों पर भी पड़ता है. कई बार लोग विवाह जैसे कार्यक्रम स्थगित कर देते हैं या धार से बाहर जाकर आयोजन करते हैं. इस वजह से सीजन में यहां के गार्डन सुनसान नजर आते हैं. इस साल 23 जनवरी को बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ रही है. इसलिए प्रशासन ने पहले से ही व्यापक तैयारी शुरू कर दी है ताकि माहौल शांतिपूर्ण रहे और किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो.
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