भिंड जिले के लहार नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) रामशंकर शर्मा एक बार फिर अपने कथित अभद्र व्यवहार को लेकर विवादों में घिर गए हैं. इस बार उनका एक ऑडियो सामने आया है, जिसमें वे शिकायतकर्ता से तीखी बहस करते और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते सुनाई दे रहे हैं. ऑडियो वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर मामला गरमा गया है.
जानकारी के अनुसार, भीम सेना के जिलाध्यक्ष मौसम मल्होत्रा ने लहार नगर के वार्ड क्रमांक 14, जनकपुरा इलाके में लगे सरकारी हैंडपंप के आसपास प्लेटफॉर्म नहीं बनने की शिकायत की थी. उन्होंने बताया कि प्लेटफॉर्म नहीं होने के कारण वहां गंदगी और जलभराव की समस्या बनी हुई है, जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं. इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन में भी दर्ज है. इसी समस्या को लेकर उन्होंने CMO रामशंकर शर्मा को फोन किया.
बातचीत की शुरुआत में ही CMO ने शिकायत सुनने के बजाय नाराजगी जताते हुए कहा कि “इस नंबर पर फोन मत किया करो, यह मेरी पत्नी का नंबर है.” इस पर शिकायतकर्ता ने दूसरा नंबर देने का आग्रह किया और फिर हैंडपंप के प्लेटफॉर्म निर्माण की बात रखी.
बातचीत के दौरान बढ़ा विवाद
फोन कॉल के ऑडियो के अनुसार, जैसे ही प्लेटफॉर्म निर्माण का मुद्दा उठाया गया, CMO ने पहले कहा कि “शिकायत कर दी है तो बनवा देंगे.” लेकिन इसके बाद उन्होंने कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी. इस पर शिकायतकर्ता भड़क गए और उन्होंने CMO की भाषा पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक जिम्मेदार अधिकारी को जनता से इस तरह बात नहीं करनी चाहिए.
तुम गवर्नर नहीं हो, सब काम कर रहे हैं...
बातचीत के दौरान CMO ने कहा कि “तुम सीएम हेल्पलाइन में शिकायत कर कर्मचारियों और अधिकारियों को परेशान करते हो.” ऑडियो में वे यह कहते भी सुनाई दे रहे हैं- “तुम गवर्नर नहीं हो. सब काम कर रहे हैं, फिर भी उंगली करते रहते हो.” उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी है, पिछले तीन महीनों से कर्मचारियों को वेतन तक नहीं मिल पाया है. उन्होंने शिकायतकर्ता से लोगों को टैक्स जमा कराने के लिए भी कहा, ताकि कर्मचारियों को वेतन दिया जा सके.
शिकायत कलेक्टर और SP तक पहुंची
घटना के बाद भीम सेना के जिलाध्यक्ष मौसम मल्होत्रा ने पूरे मामले की लिखित शिकायत जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) से की है. शिकायत में उन्होंने CMO पर अभद्र भाषा, दुर्व्यवहार और जनता के साथ असम्मानजनक व्यवहार के आरोप लगाए हैं. उन्होंने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है. बता दें कि यह यह पहला मामला नहीं है. करीब दो साल पहले भी उनका एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे एक जज को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करते सुनाई दिए थे.