ASHA Workers Protest: मध्य प्रदेश के बालाघाट में खैरलांजी क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं (ASHA Workers) और आशा पर्यवेक्षकों (ASHA Supervisors) में लंबे समय से चल रही मानदेय कटौती को लेकर भारी नाराज़गी है. संगठन से जुड़ी दो दर्जन से अधिक आशा कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय (Collector Office Balaghat) पहुंचीं और अपनी समस्याओं को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा. आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि जुलाई से अक्टूबर माह तक किए गए कार्यों का मानदेय अभी तक जारी नहीं किया गया है, जिसके कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.
“मानदेय समय पर न मिले तो परिवार चलाना मुश्किल”
आशा कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन में कहा कि सीमित मानदेय पर काम करने के बावजूद समय पर भुगतान न होना उनके परिवार की आजीविका पर सीधा असर डाल रहा है. कई कार्यकर्ता घरेलू खर्च चलाने में कठिनाई का सामना कर रही हैं.
आशा कार्यकर्ताओं और आशा पर्यवेक्षकों ने आरोप लगाया कि बिना किसी स्पष्ट कारण के भुगतान रोक दिया गया है, जबकि काम पूरा करने के सभी रिकॉर्ड उपलब्ध हैं.
आयुष्मान कार्ड निर्माण की राशि भी नहीं मिली
आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत किए गए कार्यों का भुगतान भी उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है. आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत बनाए गए कार्डों की राशि जनपद पंचायत विभाग द्वारा अभी तक जारी नहीं की गई, जिससे कई कार्यकर्ताओं का बकाया और बढ़ गया है. आशा कर्मियों का कहना है कि विभागीय स्तर पर फाइलें लंबित रहने से आर्थिक हालत बेहद खराब हो गई है.
जनसुनवाई में उठाई समस्याएँ, समाधान की मांग
3 फरवरी को आयोजित जनसुनवाई में भी आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी समस्याएँ रखीं. उन्होंने कहा कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण और विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. इसके बाद भी उन्हें न तो नियमित वेतन मिलता है और न ही समय पर मानदेय. कई महीनों से भुगतान टलने के कारण वे कर्ज लेने को मजबूर हो गई हैं.
मानदेय न मिला तो करेंगे कार्य का बहिष्कार
कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि लंबित मानदेय का भुगतान जल्द नहीं किया गया और कटौती बंद नहीं की गई, तो वे कार्य बहिष्कार पर जाने को मजबूर होंगी. उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ हैं और उन पर बढ़ते काम के बोझ के बावजूद उचित भुगतान नहीं मिल रहा है. इसलिए प्रशासन को तत्काल समाधान निकालना चाहिए.
यह भी पढ़ें : MP में 84 हजार आशा कार्यकर्ता मानदेय के लिए हैं परेशान! NDTV के सवाल पर मंत्री जी बन गए अनजान
यह भी पढ़ें : Honey Badger in CG: छत्तीसगढ़ में दिखा दुनिया का सबसे निडर जानवर; जानिए दुर्लभ वन्यजीव हनी बैजर की खूबियां
यह भी पढ़ें : Gehu Kharidi MP 2026: समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए हो जाएं तैयार; पंजीयन कब, कैसे और कहां करें जानिए
यह भी पढ़ें : Raisen Double Murder Case: युवती की हत्या के बाद ग्रामीणों ने आरोपी का किया ऐसा हाल, डबल मर्डर से तनाव