रात के वक्त ट्रेन से गिर गए सेना के जवान, घंटों पटरियों के बीच पड़े रहे, 3-4 ट्रेनें गुजरीं फिर भी बच गई जान

Train Accident: रात के वक्त ट्रेन से नीचे गिरे सेना के जवान पटरी के बीच में आ गए थे. इसके बावजूद वह सुरक्षित बच गए. जब ट्रैक की चेकिंग के लिए गैंगमैन पहुंचे, तो ट्रैक पर गिरे घायल जवान को देखा. इसके बाद उन्होंने इसकी जानकारी आला अधिकारियों को दी, जिसके बाद घायल सैनिक को इलाज के लिए नर्मदापुरम लाया गया.

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Indian Army Jawan: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के नर्मदापुरम (Narmadapuram) से एक बहुत सुखद और आश्चर्यचकित करने वाली खबर सामने आई है. दरअसल, मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम नासिक से जबलपुर (Jabalpur) जाते समय देहरादून (Dehradun) के रहने वाले सेना के जवान भूपेंद्र नर्मदापुरम के इटारसी सोहागपुर के पास ट्रेन से शुक्रवार-शनिवार की रात गिर गए. इसके बाद एक दो नहीं, तीन लगभग तीन से चार ट्रेनें रात में गिरे जवान के ऊपर से निकल गई, लेकिन इसके बाद भी वह सुरक्षित बच गए. यानी वो कहावत यहां चरितार्थ होती नजर आई, "जाको राखे साइयां, मार सके न कोय. फिलहाल, जवान का इलाज भोपाल के सैनिक अस्पताल में जारी है. हालांकि, वह अब खतरे से बाहर है.

रात के वक्त ट्रेन से नीचे गिरे सेना के जवान पटरी के बीच में आ गए थे. इसके बावजूद वह सुरक्षित बच गए. जब ट्रैक की चेकिंग के लिए गैंगमैन पहुंचे, तो ट्रैक पर गिरे घायल जवान को देखा. इसके बाद उन्होंने इसकी जानकारी आला अधिकारियों को दी, जिसके बाद घायल सैनिक को इलाज के लिए नर्मदापुरम लाया गया. नर्मदापुरम से पूर्व सैनिकों के जरिए संचालित समिति के सदस्यों ने घायल सैनिक को भोपाल सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जवान की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है.

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दरअसल, रेलवे ने ट्रेन से गिरने की सूचना पूर्व सैनिकों के द्वारा बनाई गई सर्वोपरि कल्याण समिति के सदस्य नीलम पटेल को दी गई. तब उन्होंने समिति अध्यक्ष निर्मल राजपूत और उपाध्यक्ष ओमप्रकाश राणा को घटना की जानकारी दी, जिन्होंने तत्काल मौके पर पहुंचकर घायल जवान को नर्मदापुरम जिला अस्पताल लेकर गए. लेकिन, यहां इलाज के अभाव को देखते हुए कल्याण समिति के सदस्य किशोर और सुनील घायल जवान को लेकर भोपाल स्थित सैनिक अस्पताल पहुंचे. फिर उन्हें यहां इलाज के लिए भर्ती कराया. जहां के डॉक्टर अब उनकी हालत खतरे से बाहर बता रहे हैं. 

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