Success Story: बाधाएं भी नहीं रोक पाई सपनों की उड़ान! कपड़ों की दुकान से MPCA के महासचिव बनने तक... जानें अमन की इंस्पायरिंग जर्नी

Aman Saudagar Success Story: अमन सौदागर के परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी. इसलिए वो अपने पिता के साथ कपड़े की दुकान में काम करते थे. ऐसे में अमन का यह सपना लंबे समय तक अधूरा रहा.

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Aman Saudagar Success Story: संघर्ष, मेहनत और जुनून की मिसाल बने सागर जिले के सनीचरी निवासी अमन सौदागर (Aman Saudagar)ने यह साबित कर दिया है कि हालात कितने भी कठिन क्यों न हों, अगर इरादे मजबूत हों तो सफलता जरूर मिलती है. कभी पिता की छोटी-सी कपड़ों की दुकान में काम करने वाले अमन आज मध्य प्रदेश कर्लिंग एसोसिएशन के महासचिव हैं और प्रदेश की कर्लिंग टीम को नेतृत्व प्रदान कर रहे हैं.

कपड़ों की दुकान में करते थे काम

अमन सौदागर के पिता की सनीचरी में एक छोटी कपड़ों की दुकान है. परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी, लेकिन अमन के मन में हमेशा कुछ अलग करने का जुनून रहा. बचपन से ही उन्हें बर्फ में खेले जाने वाले खेलों, खासकर कर्लिंग से खास लगाव था. हालांकि बुंदेलखंड जैसे क्षेत्र में, जहां बर्फ की कल्पना भी मुश्किल है, वहां इस खेल को खेलना लगभग असंभव था. आर्थिक हालात ऐसे नहीं थे कि बाहर जाकर प्रशिक्षण लिया जा सके.

यहां से शुरू हुई सफलता की कहानी

जब भी टीवी पर विंटर ओलिंपिक या कर्लिंग के मुकाबले आते, अमन उन्हें बड़े ध्यान से देखते और मन ही मन सोचते- “कब मैं भी यह खेल पाऊंगा?” यह सपना लंबे समय तक अधूरा रहा, लेकिन वर्ष 2021 अमन के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर आया. इसी वर्ष भारत में कर्लिंग को संगठित रूप से आगे बढ़ाया गया और खेलो इंडिया विंटर गेम्स का आयोजन हुआ.

अमन ने इस मौके को पूरी तरह भुनाया... साल 2021 में वे पहली बार 8 खिलाड़ियों की टीम के साथ जम्मू-कश्मीर के गुलमार्ग पहुंचे, जहां उन्होंने आइस कर्लिंग का प्रशिक्षण लिया और राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लिया. पहली ही राष्ट्रीय प्रतियोगिता में सीनियर वर्ग में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. इसके बाद 2022 में गुलमार्ग में आयोजित राष्ट्रीय कर्लिंग प्रतियोगिता में उन्होंने रजत पदक हासिल किया.

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यहीं नहीं रुका अमन का सफर

इसी वर्ष खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2022 में भी अमन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीतकर मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया. अमन का यह सफर यहीं नहीं रुका. 2023 में गुलमार्ग में आयोजित राष्ट्रीय कर्लिंग प्रतियोगिता में उन्होंने एक बार फिर कांस्य पदक अपने नाम किया. इसके साथ ही वे फ्लोर कर्लिंग में भी सक्रिय रहे, जो बर्फ के बजाय सामान्य फर्श पर कर्लिंग मैट पर खेली जाती है.

2023 में अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर में आयोजित फ्लोर कर्लिंग राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अमन ने रजत पदक जीता. वहीं 2024 में पुदुचेरी में आयोजित राष्ट्रीय फ्लोर कर्लिंग प्रतियोगिता में उनकी टीम ने एक रजत और एक कांस्य पदक हासिल किया.

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आज अमन सौदागर नौकरी के साथ-साथ सागर में ही फ्लोर कर्लिंग का नियमित अभ्यास कर रहे हैं और युवाओं को इस खेल के लिए प्रेरित करते हुए उन्हें प्रशिक्षण और मार्गदर्शन भी दे रहे हैं, ताकि मध्य प्रदेश से अधिक से अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकें.

वर्तमान में अमन सौदागर मध्य प्रदेश कर्लिंग एसोसिएशन के महासचिव हैं और साथ ही कर्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के कार्यकारिणी सदस्य के रूप में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. कपड़ों की दुकान से लेकर राष्ट्रीय पदकों और संगठनात्मक जिम्मेदारियों तक का उनका यह सफर न सिर्फ सागर बल्कि पूरे प्रदेश के युवाओं के लिए एक प्रेरणादायी कहानी है, जो यह सिखाती है कि सीमित संसाधन भी सपनों की उड़ान को रोक नहीं सकते.

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