Politics on Ladli Behna Yojana: मध्य प्रदेश में एक बार फिर लाड़ली बहना योजना (Ladli Bahna Yojana) पर सियासत शुरू हो गई है. यह पहली बार नहीं है जब लाड़ली बहना योजना के भविष्य को लेकर सवाल उठाया गया हो, इससे पहले भी कांग्रेस ने मोहन यादव (Mohan Yadav) के मुख्यमंत्री बनने के बाद से योजना के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठाया है. खास तौर पर जब लाड़ली बहनाहों की किस्त आने वाली होती है, उस समय माहौल और भी गर्म हो जाता है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार (Umang Singhar) ने शुक्रवार को एक बार फिर लाडली बहना योजना के भविष्य को लेकर सवाल किया.
बता दें कि महिला एवं बाल विकास आयुक्त ने गुरुवार को एक आदेश जारी किया. जिसमें सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को लाड़ली बहनाओं को अगली किस्त देने से पहले पात्र हितग्राहियों की सूची भेजने को कहा गया है. इसी आदेश पर उमंग सिंघार ने सवाल उठाया है.
सरकार योजना में कुछ खुरपेंच करने वाली है
उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से कहा, "शुरू हो गई 'पात्र' और 'अपात्र' की छंटनी! आज महिला एवं बाल विकास आयुक्त ने 'लाड़ली बहना योजना' के तहत अजीब सा आदेश निकाला. इस आदेश में जिलों के कार्यक्रम अधिकारियों को 'पात्र हितग्राहियों' की सूची बैंकों को भेजने के लिए कहा गया है. जब पिछले चार-पांच महीनों से जिस सूची के आधार पर लाड़ली बहनों को आर्थिक मदद दी जा रही है, क्या वो पात्र हितग्राहियों की सूची नहीं है? इस आदेश की भाषा संदेह उत्पन्न करती है कि मोहन यादव सरकार इस योजना में कुछ खुरपेंच करने वाली है."
चुनाव जीतने के बाद कुछ भी हो सकता है
उमंग सिंघार ने आगे कहा, "पात्र और अपात्र की पड़ताल करके ज्यादातर बहनों को योजना का लाभ देने से वंचित कर दिया जाए तो आश्चर्य नहीं किया जाना चाहिए. बीजेपी चुनाव जीत गई, शिवराज सिंह चौहान विदा हो गए, अब कुछ भी हो सकता है!"
ये भी पढ़ें - कांग्रेस MLA ने पहले डॉक्टर से कहा- जूता की माला पहनाकर घुमाएगी पब्लिक, बाद में मांगी माफी
ये भी पढ़ें - BJP विधायक ने खुद अपने बेटे को पुलिस के हवाले किया, कड़ी सजा देने की अपील की, जानिए क्या है मामला?