मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में क्रिकेट मैच के दौरान विवाद हो गया और दो पक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे मारपीट हो गई. झड़प के बाद जब मामला थाने पहुंचा तो आदिवासी पक्ष ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया और उन्हें थाने से हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. नाराज आदिवासियों ने पुलिस अधीक्षक को अल्टीमेटम दिया है कि अगर गोपालपुर थाना प्रभारी नहीं बदले गए तो वह आंदोलन के लिए मजबूर हो जाएंगे.
पीड़ितों ने बताया कि घटना गोपालपुर थाना क्षेत्र के पटेवरी गांव की गुरुवार शाम करीब 5 बजे की है, जहां मैच के दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी हुई थी. इसके बाद मामला शांत हो गया, लेकिन कुछ देर बाद आरोपी हथियारों के साथ आदिवासी बस्ती में पहुंचे और राजेंद्र आदिवासी, आशाराम आदिवासी, संतोष आदिवासी, ध्रुव आदिवासी, रानू आदिवासी, अर्जुन आदिवासी, औतारी आदिवासी, हक्के उर्फ रामवीर आदिवासी, भूरा आदिवासी और महाराज आदिवासी सहित कई लोगों पर हमला कर दिया. इस दौरान कई आदिवासी घायल हो गए.
प्रदर्शन करते हुए बोले- हमले में आदिवासी का खून बहा
हमले में आशाराम आदिवासी के दाहिने हाथ की हथेली में गंभीर चोट आई, जिससे काफी खून बह गया. आरोप है कि आरोपी यशपाल धाकड़ और अरुण धाकड़ ने संतोष आदिवासी को लाठी से पीटा, जिससे उसके बाएं कंधे और कलाई में गंभीर चोटें आईं. ध्रुव आदिवासी और रामवीर आदिवासी को भी गंभीर चोटें लगी हैं, सभी घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया है.
आदिवासियों का थाना प्रभारी पर पक्षपात का आरोप
मामला जब थाने पहुंचा और आदिवासियों ने अपने साथ हुई बर्बरता की शिकायत की तो उनके अनुसार कार्रवाई नहीं की गई. इस वजह से आदिवासी नाराज हो गए और प्रदर्शन करने लगे. उन्होंने थाना प्रभारी पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया और कहा कि वह आरोपियों के खिलाफ मामूली धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं.
आदिवासी अब पुलिस अधीक्षक से गोपालपुर थाना प्रभारी के पद से हटाने की मांग पर अड़े हैं. इसी बाबत उन्होंने एसपी को ज्ञापन सौंपते हुए कार्रवाई की मांग कर चेतावनी दी है कि उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वह बड़ा आंदोलन करेंगे.