ग्वालियर विकास प्राधिकरण के लापरवाह अफसरों पर हुई कार्रवाई, कार्यपालन यंत्री और संपदा अधिकारी हुए निलंबित

Action Taken on GDA Meeting: सोमवार को हुई जीडीए के संचालक मंडल की बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान संभागायुक्त दीपक सिंह ने जीडीए के लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की. उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए जीडीए के संपदा अधिकारी और कार्यपालन यंत्री को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया.

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Gwalior Development Authority Meeting: ग्वालियर विकास प्राधिकरण (GDA) के विकास कार्यों की धीमी गति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और के खिलाफ संभागायुक्त दीपक सिंह (Gwalior Divisional Commissioner) ने सख्त रवैया अपनाया है. इसके साथ ही संभागायुक्त ने जीडीए के संचालक मंडल द्वारा पूर्व में लिए गए निर्णयों के कार्यान्वयन के प्रति लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया है. संभागायुक्त सिंह द्वारा पहली बार जीडीए के संपदा अधिकारी डॉ. दिनेश दीक्षित व कार्यपालन यंत्री डी डी मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया.

सोमवार को हुई जीडीए के संचालक मंडल की बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने इन अधिकारियों की अत्यधिक ढ़िलाई व लापरवाही सामने आने पर यह कार्रवाई की है. जीडीए के इतिहास में यह पहली मर्तबा है जब इतने आला अफसरों के खिलाफ निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई हुई है. इस कार्रवाई से न केवल जीडीए बल्कि पूरे प्रशासन में हड़कंप मच गया है.

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अधिकारियों पर क्यों हुई कार्रवाई?

ग्वालियर के संभाग आयुक्त कार्यालय के सभागार में आयोजित हुई जीडीए के संचालक मंडल की बैठक में नगर निगम आयुक्त हर्ष सिंह व अपर कलेक्टर टी एन सिंह सहित नगर एवं ग्राम निवेश व जीडीए के अधिकारियों सहित संचालक मंडल के अन्य सदस्य मौजूद थे. संभाग आयुक्त सिंह द्वारा संचालक मंडल की बैठक में की गई विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान यह बात भी सामने आई कि जीडीए के संपदा अधिकारी द्वारा एनओसी जारी न करने से जीडीए द्वारा आवंटित आवासीय भूखंड व भवनों के मालिकों को बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है.

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इसी तरह संचालक मण्डल द्वारा लिए गए निर्णयों के क्रियान्वयन में  कार्यपालन यंत्री मिश्रा द्वारा ढ़िलाई बरती जा रही है. इस वजह से जीडीए के विकास कार्य अनावश्यक रूप से बाधित हो रहे हैं. यह स्थिति सामने आने पर संभाग आयुक्त ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की.

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मास्टर प्लान की सड़कों में अवरोध न बने जीडीए 

संचालक मंडल की बैठक में संभाग आयुक्त ने जोर देकर कहा कि जीडीए द्वारा बनाई जा रही मास्टर प्लान की सड़कों में अनावश्यक अड़चन न डाली जाएं. जो भी एसडीएम, तहसीलदार, आरआई व पटवारी इसमें नियमों के विपरीत काम करेगा, उसकी खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने जीडीए के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कलेक्ट्रेट की टीएल बैठक में पहुंचकर कलेक्टर के ध्यान में राजस्व से संबंधित उन मसलों को लाएं, जिनकी वजह से जीडीए के काम रुके हैं. 

संभाग आयुक्त ने बैठक में मौजूद अपर कलेक्टर को निर्देश दिए कि वे जीडीए द्वारा बनाई जा रही सड़कों की जमीन के सीमांकन संबंधी दिक्कतों को आरआई व पटवारी को भेजकर दूर कराए. संभाग आयुक्त ने जीडीए में पदस्थ कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्रियों व उपयंत्रियों द्वारा पिछले एक वर्ष में बनाई गई डीपीआर, मूल्यांकन, बिल व पूर्ण कराए गए कार्यों सहित उन्हें मिल रहे वेतन की जानकारी मांगी है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि जो तकनीकी अधिकारी बिना काम के पैसे ले रहे हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।.

यह फैसले भी हुए

संचालक मंडल की बैठक में संभाग आयुक्त ने एयरपोर्ट से साडा तक प्रस्तावित सड़क मार्ग की डीपीआर का शुक्रवार तक प्रजेंटेशन प्रस्तुत करने को कहा है. साथ ही माफी मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए. इस काम में हो रही देरी पर उन्होंने नाराजगी जताई. उन्होंने मोतीमहल में संचालित शेष शासकीय दफ्तरों को माधव प्लाजा में जगह दिलाने के निर्देश भी बैठक में दिए.

जीडीए के संचालक मंडल की बैठक में मास्टर प्लान के अनुसार ग्राम भाटखेड़ी से ग्राम रमौआ तक प्रस्तावित सड़क के आसपास जीडीए द्वारा नगर विकास योजना के लिए चयनित जमीन का रकबा बढ़ाने का निर्णय भी लिया गया है. अब इस नगर विकास परियोजना का रकबा 143.80 के स्थान पर 146.23 हेक्टेयर होगा.

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