उज्जैन से अयोध्या जाएगी 60 किलों की अगरबत्ती, ग्रामीण महिलाओं ने विशेष सामग्री से किया है तैयार

अगरबत्ती निर्माण में भूमिका निभाने वाली अर्पिता सिकरवार ने बताया कि 51 किलो की 5 फीट की अगरबत्ती बनाना चाहते थे, लेकिन लोगों की भावना जुड़ती गई और 15 दिन में रामधुन गाते हुए यह 60 किलो वजनी और 5.9 इंच लंबी बन गई.

विज्ञापन
Read Time: 15 mins
अयोध्या में प्रज्जवलित की जाएगी उज्जैन की अगरबत्ती

Ram Mandir Ayodhya: अयोध्या (Ayodhya) में भव्य राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा पर महाकाल की नगरी में भी भारी उत्साह दिख रहा है. इस मौके पर हर शख्स कुछ विशेष करना चाहता है. यहां कि महिलाओं ने एक विशेष अगरबत्ती बनाई है जिसका वजन 60 किलो है और इसकी लंबाई 5 फीट 9 इंच है. इस अगरबत्ती को हवन सामग्री से बनाया गया है, जिसे 22 जनवरी को रामघाट पर जलाकर राम भगवान को समर्पित किया जाएगा.

महाकाल की नगरी हुई राममय

अयोध्या में राम लला के प्राण प्रतिष्ठा को देखते हुए महाकाल बाबा की नगरी भी राममय हो गई है. यहां धर्मालु जान प्रभात फेरी जुलूस निकाल रहा है वहीं कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर उत्साह मनाते नजर आ रहा है. इसी के चलते शहर से 17 किलोमीटर दूर स्थित सोडंग गांव में 21 महिलाओ ने ग्रामीणों के साथ मिलकर रामलला को समर्पित करने के लिए 5.9 फीट की विशाल हर्बल अगरबत्ती तैयार की है. 60 किलो वजनी यह अगरबत्ती 15 दिन में बनाई गई है, यह अगरबत्ती 22 जनवरी को जुलूस के रूप में बैंड बाजे से रामलला के अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा होते ही रामघाट पर जलाई जाएगी.

Advertisement

रामधुन गाते हुए बनाईं अगरबत्ती

अगरबत्ती निर्माण में भूमिका निभाने वाली अर्पिता सिकरवार ने बताया कि 51 किलो की 5 फीट की अगरबत्ती बनाना चाहते थे, लेकिन लोगों की भावना जुड़ती गई और 15 दिन में रामधुन गाते हुए यह 60 किलो वजनी और 5.9 इंच लंबी बन गई. इसे गाय गोबर, गाय के घी, चंदन, गूगल, फूल कपूर, आवंला, चन्दन,सुखी इलायची,सहित हवन सामग्री सुगंधित पदार्थ सहित 11 तरह की औषधियों से तैयार किया गया है.

Advertisement

ये भी पढ़ें अयोध्या के साथ ही 22 जनवरी को ग्वालियर की सेंट्रल जेल में भी होगी प्राण प्रतिष्ठा, कैदियों को है बेसब्री से इंतजार...

Advertisement

तीन दिन तक जलेगी ये अगरबत्ती

अर्पिता ने बताया कि रामघाट को अगरबत्ती जलाने से पूर्व रंगोली से सजाया जाएगा. अगरबत्ती में 2 किलो घी डालकर इसे प्रज्जवलित किया जाएगा. यह अगरबत्ती करीब तीन दिन तक जलती रहेगी. इसके जलने से क्षेत्र सुगंधित हो जाएगा और पॉजिटिव एनर्जी बनी रहेगी.

ये भी पढ़ें Vidisha Ram Mandir: सिर्फ अयोध्या ही नहीं, विदिशा में भी बन रहा राम मंदिर, पिछले 12 साल से चल रहा निर्माण

Topics mentioned in this article