Gwalior High Court News: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में नर्सिंग कॉलेजों में घोटाले (Nursing College Scam) से जुड़ा मामला फिर सुर्खियों में आ गया है. दरअसल मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने शुक्रवार को बड़ा आदेश जारी किया है. हाईकोर्ट ने ग्वालियर-चंबल इलाके में मौजूद सभी 200 निजी कॉलेजों की जांच आर्थिक अपराध EOW को सौंप दिया है. हाईकोर्ट का आदेश है कि जीवाजी यूनिवर्सिटी से संबंधित जितने भी कॉलेज हैं उसकी जांच की जाए और जालसाजी करने वाले कॉलेज और जिम्मेदार अफसरों पर FIR भी दर्ज हो. इसमें नर्सिंग कॉलेज भी शामिल हैं.
शिव शक्ति कॉलेज के फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद जीवाजी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर अविनाश तिवारी सहित 19 प्रोफेसरों के खिलाफ पहले ही FIR दर्ज किया जा चुका है. बता दें कि शिव शक्ति कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग मुरैना-झुंडपुरा में स्थित है.
हाल ही में कुलाधिपति मंगू भाई पटेल ने जीवाजी यूनिवर्सिटी के कुलगुरु प्रोफेसर अविनाश तिवारी को FIR दर्ज होने के बाद बर्खास्त भी किया था. याचिकाकर्ता डॉ शर्मा ने अपनी याचिका में हाईकोर्ट को बताया था ग्वालियर-चंबल इलाके में शिव शक्ति नर्सिंग कॉलेज जैसे करीब 200 कॉलेज मौजूद हैं और इन सभी के जांच किए जाने की आवश्यकता है. याचिकाकर्ता के वकील अवधेश भदौरिया ने हाईकोर्ट के सामने अपने आरोपों से संबंधित सबूत भी पेश किए. जिसके बाद हाईकोर्ट ने ये आदेश जारी किया. साथ ही साथ ये भी कहा कि EOW गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट भी पेश करें. बता दें कि बीते महीने ही खबर आई थी कि ग्वालियर चंबल के 50 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता पर संशय बना हुआ है. एमपी हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के अभाव में इन कॉलेजों को राहत देने से इंकार कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से क्लेरिफिकेशन लाने के लिए सभी कॉलेज स्वतंत्र हैं.
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