Prasad Niyam: भोग लगाने के कितने देर बाद उठाना चाहिए, जानिये क्या हैं सही नियम

यदि आपके घर में देवी-देवता विराजित है तो उन्हें भोग लगाने के लिए भगवान् की थाली या उस बर्तन को हमेशा अलग रखें, जिसपर भगवान को आप भोग लगा रहे हैं. आप पीतल या चांदी के बर्तन में भोग लगा सकते हैं लेकिन जिस थाली में आप खाते हैं उसमें कभी भी भोग नहीं लगाना चाहिए.

विज्ञापन
Read Time: 15 mins

Worship Rules: हिन्दू धर्म मानने वाले हर व्यक्ति के घर में पूजाघर होता है, जिसमें भगवान विराजित होते हैं. लोग विधिवत तरीके से भगवान की पूजा करते हैं और हर दिन भगवान के सामने उनके प्रिय चीजों का भोग लगाते हैं. भगवान (Bhagwan ka prasad) को भोग लगाने के बाद हम प्रसाद को वहीं छोड़ देते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं? भगवान को चढ़ाया भोग कितने समय बाद खा लेना है, आइये जानते हैं भोग -प्रसाद (Bhog lagane ke niyam) के इस नियम के बारे में..

कैसे लगाएं भगवान को भोग
यदि आपके घर में देवी-देवता विराजित है तो उन्हें भोग लगाने के लिए भगवान् की थाली या उस बर्तन को हमेशा अलग रखें, जिसपर भगवान को आप भोग लगा रहे हैं. आप पीतल या चांदी के बर्तन में भोग लगा सकते हैं लेकिन जिस थाली में आप खाते हैं उसमें कभी भी भोग नहीं लगाना चाहिए. ऐसा करने से भोग लगाना अशुद्ध माना जाता है. जब आप भोग लगाएं तो कभी भी उस थाली को जमीन पर न रखें, हमेशा उस पात्र को चौकी, स्टैंड या ऊपरी हिस्से में ही रखकर भगवान को प्रसाद अर्पित करें.

Advertisement

कब उठाएं भगवान के सामने से प्रसाद
भगवान के पास भोग लगाने के लिए थाली के सामने 15 मिनट से लेकर आधे घंटे तक रखें उसके बाद भोग उठा लें. इस बात ध्यान रखें कि जिस तरह हमें भोजन ग्रहण करने में 10 से 15 मिनट तक का समय लगता है. उसी प्रकार भगवान भी खाने में इतना समय ही लेते हैं. भगवान को भोग खाने का समय दें, कभी भी भगवान को प्रसाद लगाने के बाद तुरंत नहीं उठाना चाहिए.

Advertisement

यह भी पढ़ें: Mauni Amavasya 2024: मौनी अमावस्या कब है और कैसे करें पूजा, पंडित जानिए पूरी जानकारी

Disclaimer: यहां पर बताई गई बातें आम जानकारियों पर आधारित है. यह किसी भी तरह से योग्य राय का विकल्प नहीं है. ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा किसी संबंधित विशेषज्ञ से परामर्श करें. NDTV इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

Advertisement