Best Food for Mental Health: आज की भागती-दौड़ती जिंदगी में अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को सही बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है. ऐसे में अगर एक ही पेड़ या एक ही फल-फूल दोनों परेशानियों को दूर कर दे, तो इससे अच्छा कुछ नहीं हो सकता है. ऐसा ही एक फूल शिरीष (Shirish Flower) का माना जाता है. इसकी फूल और पत्तियां न केवल इसकी सुंदरता को बढ़ाती हैं, बल्कि इसके औषधीय गुणों (Medicinal Benefits) के कारण यह शरीर और दिमाग, दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध होते हैं. इसकी फूल और पत्तियां शरीर के विभिन्न विकारों को ठीक करने में सहायक मानी जाती हैं.
शिरीष के फूलों के गुण
संक्रमण रोकने में मददगारशिरीष के फूलों में भारी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स, एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं, जो शरीर में संक्रमण रोकने और सेहतमंद बनाए रखने में मदद करते हैं. इन फूलों का उपयोग खासकर त्वचा संबंधी समस्याओं के उपचार में किया जाता है.
शिरीष के फूलों का प्रयोग घावों को जल्दी ठीक करने, दाद, खुजली और अन्य त्वचा रोगों में भी किया जाता है. इसके अलावा, शिरीष के फूल खून साफ करने में भी लाभकारी साबित होते हैं, जिससे रक्तदोष, प्रदूषण और अन्य रक्त संबंधी समस्याएं दूर होती हैं.
इसकी पत्तियों के भी कई औषधीय गुण होते हैं. इनमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो शरीर में सूजन और जलन को शांत करते हैं. आयुर्वेद में शिरीष की पत्तियों का उपयोग कई प्रकार के विकारों के इलाज के लिए किया जाता है. इसके पत्तों का उपयोग दर्द, घाव, और जोड़ों की समस्याओं को ठीक करने के लिए किया जाता है.
शिरीष के फूलों का पेस्ट बना कर त्वचा पर लगाने से दाग-धब्बे, झाइयां और अन्य त्वचा रोगों में आराम मिलता है. इसके अलावा, यह रक्त प्रवाह को बेहतर बनाता है और शरीर से गंदगी को बाहर निकालता है. आयुर्वेद के अनुसार, शिरीष के फूलों का उपयोग आंतरिक और बाहरी रूप से शरीर के विभिन्न विकारों का इलाज करने के लिए किया जाता है.
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शारीरिक टॉक्सीन को निकालने में लाभकारीचरक संहिता में शिरीष के फूलों को शरीर के भीतर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने के लिए एक प्रभावी औषधि माना गया है. यह शरीर के वात, पित्त और कफ दोषों को संतुलित करने में मदद करता है, जिससे समग्र स्वास्थ्य में सुधार होता है.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)