केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह अपने बस्तर प्रवास के दौरान एक बेहद महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान जगदलपुर स्थित 'अमर वाटिका' पहुंचकर उन्होंने माओवाद के खिलाफ लड़ाई में अपनी जान गंवाने वाले 1,000 से ज्यादा वीर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. इस ऐतिहासिक अवसर पर उनके साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी मौजूद रहे.
अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने देश के सुरक्षा बलों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया. उन्होंने मंच से पूरे आत्मविश्वास के साथ घोषणा की कि मैं सीना ठोक कर कहता हूं कि भारत अब नक्सल मुक्त हो गया है. इस ऐतिहासिक सफलता का पूरा श्रेय हमारे सुरक्षाबलों के जांबाज जवानों को जाता है. उन्होंने आगे कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ इस निर्णायक लड़ाई में देश की सभी सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी आहुति दी है. उन्होंने विशेष रूप से DRG (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और कोबरा (CoBRA) कमांडोज की बहादुरी को रेखांकित करते हुए कहा कि इन जवानों ने मोर्चे पर अदम्य साहस का परिचय दिया.
ऑपरेशन 'ब्लैक फॉरेस्ट' व 'प्रहार' से मिली सफलता
नक्सलवाद के खात्मे की रणनीति का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि अगर 'ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट' और 'ऑपरेशन प्रहार' को अंजाम नहीं दिया गया होता, तो आज बस्तर को नक्सलवाद के दंश से मुक्त कराना असंभव था. इन कड़े और सुनियोजित अभियानों की बदौलत ही आज बस्तर में शांति का नया सूरज उगा है. इस खास कार्यक्रम में देश के आठ राज्यों के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी और जवान भी शामिल हुए.
अब थमेगा नहीं बस्तर के विकास का पहिया
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की वजह से बस्तर लंबे समय तक विकास की मुख्यधारा से कटा रहा. इस पर बात करते हुए गृह मंत्री ने एक नया संकल्प साझा करते हुए कहा कि बस्तर अब देश के सभी आदिवासी बहुल संभागों में सबसे ज्यादा विकसित क्षेत्र बनकर उभरेगा. जो विकास नक्सलवाद के डर से रुका हुआ था, वह अब तेज गति से आगे बढ़ेगा. विकास की किरणें समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगी. गृह मंत्री ने बस्तर के पारंपरिक व्यंजनों का जिक्र करते हुए उनकी जमकर तारीफ की और यहां की समृद्ध संस्कृति को सराहा.
जांबाज अधिकारियों और जवानों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री ने नक्सल मोर्चे पर उत्कृष्ट और साहसिक कार्य करने वाले अधिकारियों और जवानों को सम्मानित किया. इसी कड़ी में बस्तर के आईजी (IG) पी. सुंदरराज को उनकी बेहतरीन लीडरशिप और रणनीतिक कौशल के लिए केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया गया.
सरकार शहीद परिवारों के साथ खड़ी है
अमर वाटिका में शहीदों को नमन करने के बाद, अमित शाह ने बीजापुर नक्सली हमले में शहीद हुए वीर जवान कालेन्द्र प्रसाद नायक और पवन कुमार मंडावी के परिजनों से बेहद भावुक और आत्मीय मुलाकात की. गृह मंत्री खुद शहीद परिवारों के बीच जमीन पर बैठे, उनका हाथ थामा, दुख साझा किया और ढांढस बंधाया. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में केंद्र और राज्य सरकार पूरी तरह उनके साथ है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी. उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए दिया गया इन वीरों का बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाएगा.
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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी जवानों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अपने शहीद जवानों के बलिदान को कभी नहीं भूलेगा. हमारी सरकार शहीद परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है. बस्तर अब शांति, विश्वास और विकास की नई दिशा में कदम बढ़ा चुका है और इसमें हमारे सुरक्षाबलों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही है.