Chhattisgarh News: स्कूल ड्रेस में मजदूरी, 300-400 रुपये के लिए अवैध भट्ठे पर काम कर बच्चे, प्रशासन मौन  

Surajpur News: सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने बड़े स्तर पर हो रही इस गतिविधि के बावजूद श्रम विभाग, राजस्व विभाग और खनिज विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई. क्या जिम्मेदार अधिकारियों जानबूझकर अनदेखी कर रहे हैं.

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Surajpur News: अवैध भट्ठे पर काम करते बच्चे.

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में अवैध रूप से संचालित ईंट भट्ठों में छोटे-छोटे बच्चों से मजदूरी कराई जा रही है. मजदूरी कर रहे कई बच्चे स्कूल ड्रेस में नजर आ रहे हैं, जो इस बात का संकेत है कि शिक्षा और बचपन के अधिकारों को खुलेआम नजरअंदाज किया जा रहा है. मजदूरी कर रहे बच्चों की तस्वीर सामने आने के बाद सरकारी सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं.  

300 से 400 रुपये दिए जा रहे  

दरअसल, जिले के ओडगी ब्लॉक के कुप्पी गांव के गंगापुर इलाके में बच्चों से दिनभर ईंट ढुलाई जैसे कठिन कार्य कराए जा रहे हैं. इसके बदले उन्हें करीब 300 से 400 रुपये प्रतिदिन दिए जा रहे हैं. हालांकि, यह न केवल बाल श्रम कानूनों का उल्लंघन है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही की भी गंभीर तस्वीर पेश करता है.

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अधिकारियों ने बनाई दूरी   

सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने बड़े स्तर पर हो रही इस गतिविधि के बावजूद श्रम विभाग, राजस्व विभाग और खनिज विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई. क्या जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है, या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है, यह भी जांच का विषय है. अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है. फिलहाल, संबंधित अधिकारियों से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, लेकिन अधिकारियों ने इस मामले पर जवाब देने से परहेज किया.

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