Election in Chhattisgarh: ऐसे में युवा कैसे पढ़ेंगे राजनीतिक की पाठशाला, यहां तो 7 वर्ष से चुनाव ही नहीं हुए

छत्तीसगढ़ में छात्र संघ चुनाव अघोषित रूप से रोक दिया गया है. ये सब तब हो रहा है, जब यहां की छात्र राजनीति ने कई बड़े नेता दिए हैं. लिहाजा, अब छात्र संघ चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस की छात्र इकाइयां मुखर होने लगी है.

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Student Union Election: लोकतंत्र में नेता जनता के बीच से चुनकर आते हैं. पढ़ा-लिखा नेता छात्र राजनीति से निखर कर सामने आता है. यही वजह है बीजेपी (BJP) हो या कांग्रेस (Congress) दोनों के छात्र संगठन हैं. इसके बावजूद छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में बीजेपी और कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन कॉलेज और यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव 2017 के बाद से कराए ही नहीं गए. कांग्रेस समर्थित NSUI हो या बीजेपी समर्थित ABVP दोनों ही छात्र संगठन छात्र संघ चुनाव की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांग के बावजूद इस साल भी छात्र संघ चुनाव मुश्किल है.

कहते हैं कि नेता अगर पढ़ा लिखा होगा, तो उसका विज़न बड़ा होगा, लेकिन छत्तीसगढ़ में पढ़े लिखे छात्राओं में नेतृत्व क्षमता पैदा करने की नर्सरी छात्र संघ चुनाव ही बंद है.

छत्तीसगढ़ में आखिरी बार 2017 में छात्र संघ चुनाव हुआ था. उसके बाद बीजेपी की सरकार चली गई. 2017 में कांग्रेस की सरकार बनी, लेकिन कांग्रेस सरकार में भी चुनाव नहीं हुए. कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज से 2024 से लगातार छात्र संगठन चुनाव कराने की मांग उठ रही है. NSUI हो या ABVP दोनों का मानना है कि छात्र संघ चुनाव से छात्रों में राजनीति ही नहीं, बल्कि सभी क्षेत्र में नेतृत्व क्षमता का विकास होता है.

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चुनाव के पक्ष में उतरे ABVP नेता मंत्री यज्ञदत्त वर्मा

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने जब भी छात्र संघ चुनाव की बात आई तब विद्यार्थी परिषद ने बहुत ही स्पष्ट से चुनाव की मांग की है abvp का मानना है  कैम्पस की आत्मा छात्र संघ चुनाव में है, हमने देखा छात्र जब समस्या में होते हैं तब उनकी आवाज उठाने वाला कोई नहीं होता है विद्यार्थी परिषद ने प्रदेश भर में सीएम के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर चुनाव की मांग की है, जो छात्र में नेतृत्व दिखना चाहिए  वो आज हमें दिखाई नहीं दे रहा है कॉलेज से निकले छात्र समाज और राष्ट्र का निर्माण करते है. 

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NSUI ने भी चुनाव के लिए खोला मोर्चा

 कांग्रेस पार्टी की छात्र इकाई NSUI ने छत्तीसगढ़ में छात्र संघ चुनाव की मांग तेज कर दी है. NSUI के महासचिव  हेमंत पाल ने कहा कि एनएसयूआई लगातार छात्र संघ चुनाव की मांग कर रही है. छात्र संघ चुनाव से छात्रों में लीडरशिप के गुण का निर्माण होता है. ऐसे में यूनिवर्सिटी में छात्रों के मुद्दे को लेकर लड़ाई होती है, पहले भी छात्र राजनीती से कई बड़े नेता उबर कर सामने आए हैं.

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छात्र राजनीति से उभरे ये बड़े दिग्गज

छत्तीसगढ़ में छात्र राजनीति से कई बड़े नेता निकले हैं. इनमें से बृजमोहन अग्रवाल, मोहम्मद अकबर, प्रेम प्रकाश पण्डे, पूर्व सांसद सुनील सोनी, मेयर एजाज ढेबर समेत कई नेता छात्र राजनीति से आए हैं. इसके बावजूद छत्तीसगढ़ में 2024 से छात्र संघ चुनाव बंद हैं. लिहाजा, भाजपा और कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI और ABVP दोनों चुनाव की कर रहे मांग कर रही है.



ये सच है की स्कूल कॉलेज सिर्फ किताबी ज्ञान के केंद्र नहीं होते हैं. इस जगह से छात्रों का सर्वागीण विकास होता है. कॉलेज यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव से निश्चित ही नेतृत्व क्षमता का विकास होता है, जिस पर सरकार को जल्द लेने की जरूरत है, ताकि हमारा आने वाला कल बेहतर हो. 

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