छत्तीसगढ़ में बस्तर ओलंपिक की तर्ज पर सरगुजा ओलंपिक का आयोजन, खेल मंत्री ने किया ऐलान

Chhattisgarh Sarguja Olympic: छत्तीसगढ़ के खेल मंत्री अरुण साव ने बस्तर ओलंपिक की सफलता के बाद आदिवासी बाहुल्य सरगुजा संभाग में सरगुजा ओलंपिक कराने की घोषणा की. यह आयोजन स्थानीय खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने और खेलों में आगे बढ़ने का बड़ा अवसर होगा.

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Chhattisgarh Sarguja Olympic: छत्तीसगढ़ में खेलों को बढ़ावा देने के लिए बस्तर ओलंपिक की सफलता के बाद अब सरगुजा संभाग में भी ओलंपिक जैसी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा. इस ऐलान की पुष्टि छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और खेल मंत्री अरुण साव ने की. उन्होंने बताया कि बस्तर ओलंपिक की अपार सफलता और वहां की स्थानीय खेल प्रतिभाओं को देखते हुए, आदिवासी बाहुल्य सरगुजा संभाग में भी इसी तरह की प्रतियोगिता कराना अब खेल विभाग की प्राथमिकता बन गई है.

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, विशेषकर आदिवासी अंचल में युवा और कुशल खिलाड़ी बड़ी संख्या में मौजूद हैं. बस्तर ओलंपिक में ऐसे कई खिलाड़ी सामने आए, जिन्होंने अपनी प्रतिभा और कौशल से सभी को प्रभावित किया. इसी तर्ज पर सरगुजा ओलंपिक का आयोजन आदिवासी खिलाड़ियों के लिए बड़ी संभावनाओं का मार्ग खोलने वाला होगा.

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बस्तर संभाग में पहले चरण का बस्तर ओलंपिक 2024 में आयोजित किया गया था, जिसमें स्थानीय खिलाड़ियों के साथ-साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के खिलाड़ी और आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी शामिल किया गया. इस आयोजन की सफलता की देशभर में सराहना हुई, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह ने इसकी तारीफ की. इस ओलंपिक ने न केवल खेलों को बढ़ावा दिया, बल्कि स्थानीय युवाओं में खेलों के प्रति जागरूकता और उत्साह भी बढ़ाया. 

बस्तर ओलंपिक का दूसरा चरण

पहले चरण की सफलता को देखते हुए बस्तर ओलंपिक का दूसरा चरण 25 अक्टूबर 2025 से शुरू हो रहा है. इसी तर्ज पर सरगुजा ओलंपिक के लिए भी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. यह आयोजन सरगुजा संभाग के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और बड़े मंच पर अपनी पहचान बनाने का अवसर देगा. खेल मंत्री अरुण साव ने कहा कि सरगुजा ओलंपिक के माध्यम से युवाओं को खेलों में भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा और राज्य में खेल संस्कृति को और मजबूत किया जाएगा. सरगुजा ओलंपिक की घोषणा से स्थानीय खिलाड़ी और उनके परिवार उत्साहित हैं. यह आयोजन न केवल खेल प्रतिभाओं को निखारने का मौका देगा, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक समरसता को भी बढ़ावा देगा. 

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