वैलेंटाइन डे के बजाय छत्तीसगढ़ में धूमधाम से मनाया गया मातृ-पितृ दिवस, सीएम के गृह जिले में आयोजित हुए कार्यक्रम

Parents Worship Day in Chhattisgarh: इस साल बहुत अनोखा संयोग रहा जब वैलेंटाइंस डे, सरस्वती पूजा और मातृ पितृ दिवस एक ही दिन पड़ा. ऐसे में छत्तीसगढ़ के सीएम साई के गृह जिले में मातृ पितृ दिवस बहुत धूमधाम से मनाया गया.

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जशपुर, छत्तीसगढ़ में बहुत धूमधाम से मनाई गई मातृ पितृ दिवस

Parents Worship Day: मातृ पितृ दिवस (Parent's Worship Day) को लेकर छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में कई सारे आयोजन हुए लेकिन मुख्यमंत्री विष्णु देव साई (Vishnu Dev Sai) के गृह जिले जशपुर (Jashpur) में मातृ पितृ दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया गया. उनका हाल ही में जशपुर में एक दौरा हुआ, जहां वह अपने ही विधानसभा कुनकुरी के कंडोरा में मातृ पितृ पूजा में शामिल हुए. साथ ही उन्होंने एक बड़ी घोषणा करते हुए पूरे प्रदेश में 14 फरवरी को बसंत पंचमी (Basant Panchami) के दिन सरस्वती पूजा (Saraswati Puja) और मातृ पितृ दिवस के रूप में मनाए जाने की बात कही.

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पत्थलगांव में अनोखे अंदाज में आयोजित हुआ कार्यक्रम

जशपुर जिले के पत्थलगांव सरस्वती शिशु मंदिर में सरस्वती पूजा और मातृ पितृ दिवस एक अनोखे रूप में मनाया गया. इस स्कूल में शिक्षकों के साथ वहां की समिति के अध्यक्ष और छात्र-छात्राओं के परिजन पहुंचे. छात्रों के साथ उनके माता-पिता ने पूरे विधि विधान से पूजा-पाठ की और अग्नि हवन किया. हवन के बाद छात्रों ने दीप प्रज्वलित कर अपने माता-पिता को तिलक लगाकर उनका आशीर्वाद लिया. 

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'माता-पिता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म'

इस खास आयोजन में आए छात्र-छात्राओं के परिजनों का कहना था कि मातृ-पितृ दिवस मानने से बच्चों में एक अलग उत्साह जागृत होगा. माता-पिता की सेवा करना सबसे बड़ा कर्म और धर्म है. स्कूल प्राचार्य संतोष पाढी का कहना था कि माता-पिता की सेवा करना ही बच्चों का सबसे पहला और जरूरी काम होना चाहिए.

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