Coal Mine Safety Awards 2025: खनन उद्योग में सुरक्षा को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं, लेकिन RRVUNL की दो कोयला खदानों ने इस बार इन सवालों का जवाब काम से दिया है. परसा ईस्ट एवं कांता बासन (PEKB) और परसा ओपनकास्ट कोल माइन ने ‘वार्षिक कोयला खदान सुरक्षा पखवाड़ा–2025' में शानदार प्रदर्शन कर कई बड़े पुरस्कार अपने नाम किए हैं. प्रतियोगिता में सुरक्षा, संचालन गुणवत्ता, पर्यावरण प्रबंधन और तकनीकी नवाचार जैसे मानकों पर मूल्यांकन हुआ और दोनों खदानें अपनी-अपनी श्रेणियों में आगे रहीं.
कहां हुआ सम्मान समारोह?
इस साल का पुरस्कार वितरण समारोह SECL के बैकुंठपुर क्षेत्र में आयोजित किया गया. कार्यक्रम DGMS के तत्वावधान में हुआ, जिसे SECL और Non‑SECL कंपनियों ने मिलकर संपन्न कराया. समारोह में DGMS के महानिदेशक उज्ज्वल ताह, उप महानिदेशक रामावतार मीना, DMS रायगढ़, DMS बिलासपुर, DMS जबलपुर और विभिन्न क्षेत्रों के DDMS (Mining, Mechanical, Electrical) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
PEKB OCM: मेगा प्रोजेक्ट श्रेणी में दमदार जीत (ग्रुप‑F)
PEKB ओपनकास्ट कोल माइन ने ग्रुप‑F (मेगा प्रोजेक्ट) में अपने मजबूत सुरक्षा सिस्टम और लगातार अनुशासित कामकाज के दम पर कई श्रेणियों में बाजी मारी. खदान को माइन वर्किंग, डंप मैनेजमेंट एवं रिक्लेमेशन, और नियर‑मिस रिकॉर्ड कीपिंग में पहला स्थान मिला. इसके अलावा SMP एवं SOP (व्यवस्थित खनन पद्धतियां और मानक संचालन प्रक्रियाएं) के आधार पर हुए मूल्यांकन में दूसरा स्थान मिला. Overall श्रेणी में भी PEKB ने तीसरा स्थान हासिल किया.
आउटसोर्सिंग पार्टनर को भी मिला सम्मान
PEKB के आउटसोर्सिंग पार्टनर M/s करमजीत सिंह लिमिटेड को भी उत्कृष्ट योगदान के लिए दूसरे स्थान से सम्मानित किया गया. PEKB की खास बात यह भी बताई गई कि यह खदान पिछले कई वर्षों से DGMS की सुरक्षा प्रतियोगिताओं में लगातार अच्छी उपलब्धियां हासिल करती रही है.
परसा OCM: पहले ही साल में बड़ी उपलब्धि (ग्रुप‑D)
सुरक्षा पखवाड़ा में भाग लेने के पहले ही वर्ष में परसा ओपनकास्ट कोल माइन ने जोरदार प्रदर्शन किया. RRVUNL की इस खदान ने ग्रुप‑D श्रेणी में माइन वर्किंग और डंप मैनेजमेंट एवं रिक्लेमेशन में पहला स्थान प्राप्त किया. वहीं SMP एवं SOP श्रेणी में दूसरा स्थान और ग्रुप‑D की Overall श्रेणी में तीसरा स्थान अपने नाम किया. यह प्रदर्शन बताता है कि परसा खदान तेजी से संचालन अनुशासन, टीमवर्क और सुरक्षा‑केंद्रित कार्यशैली को मजबूत कर रही है.
किसके नेतृत्व में मिली यह सफलता?
दोनों खदानों की इस सफलता का श्रेय CoC सरगुजा क्लस्टर और क्लस्टर हेड श्री मुकेश कुमार के नेतृत्व को दिया गया है. उनके साथ PEKB के साइट हेड विपिन कुमार सिंह और सेफ्टी ऑफिसर गली तरुण ने सुरक्षा प्रक्रियाओं, संचालन मानकों और तकनीकी सुधारों पर लगातार जोर देकर टीम को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया.
2012 से “सुरक्षा‑प्रथम” नीति, तकनीक से मिला फायदा
RRVUNL की खदानें 2012 से सुरक्षा‑प्रथम नीति पर काम कर रही हैं. PEKB में Dozer Push Mining Technology, Slope Stability Radar Monitoring, Near‑Miss Record System और बेहतर Reclamation Practices जैसी आधुनिक तकनीकें अपनाई गई हैं. इससे सुरक्षा के साथ‑साथ संचालन दक्षता भी मजबूत हुई है. कंपनी की प्राथमिकताओं में पर्यावरण‑अनुकूल खनन, सतत विकास और उन्नत तकनीकी समाधान शामिल बताए गए हैं.
वरिष्ठ अधिकारियों का बयान
क्लस्टर हेड मुकेश कुमार ने कहा, “ये उपलब्धियां हमारी टीम की मेहनत, अनुशासन और सुरक्षा‑प्रथम सोच का परिणाम हैं. हम सुरक्षित एवं जिम्मेदार खनन को आगे भी सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे.”