रायपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन निश्चय” के तहत प्रतिबंधित नशीली टेबलेट की सप्लाई करने वाले सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है. थाना पुरानी बस्ती पुलिस ने 4 मेडिकलों के संचालक और 1 एमआर सहित 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 17,808 प्रतिबंधित नशीली टेबलेट अल्प्राजोलम एवं स्पासमों बरामद हुई हैं.
इनके अलावा टाटा सफारी कार और 5 मोबाइल जब्त किए हैं. आरोपियों के पास मिले सामान की कीमत 1 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है.
जानकारी के अनुसार, 5 जनवरी को एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट को सूचना मिली थी कि पुरानी बस्ती थान क्षेत्र के कुशालपुर स्थित रत्ना मेडिकल स्टोर का संचालक बिना किसी वैध कागजात के अवैध रूप से प्रतिबंधित नशीली टेबलेट बेच रहा है. जिस पर पुलिस ने मेडिकल स्टोर में अपना साथी भेजा, जैसे ही संचालक ने उसे नशीली टेबलेट दी तो पुलिस टीम ने तुरंत मेडिकल स्टोर पर छापा मारा. छापामारी के दौरान मेडिकल पर मौजूद आरोपी ने अपना नाम कान्हा कृष्ण कश्यप उर्फ सूरज बताया, जो मेडिकल का संचालक था.
पुलिस ने जब मेडिकल की तलाशी ली तो प्रतिबंधित नशीली टेबलेट अल्प्राजोलम रखी मिलीं, जब इससे संबंधित दस्तावेज मांगे तो वह दिखा नहीं सका.
आरोपी ने बताया कि उसे यह टेबलेट आनंद शर्मा सप्लाई करता है. फिर आनंद के घर पर दबिश देकर गिरफ्तार किया, जहां से यही टेबलेट मिलीं. पूछताछ में आनंद ने खुद को एमआर (मेडिकल रिप्रेजेन्टेटिव) बताया. आरोपी नशीली टेबलेट्स को कोरियर और बस के जरिए जबलपुर से मंगाता था.
दोनों की पूछताछ पर पता चला कि टिकरापारा स्थित काव्या मेडिकोज के संचालक धीमन मजूमदार, खमतराई भनपुरी स्थित प्यारी लक्ष्मी मेडिकल स्टोर के संचालक राहुल वर्मा और धरसींवा सांकरा स्थित भरोसा मेडिकल स्टोर के संचालक मोह. अकबर को भी टेबलेट सप्लाई की जाती थीं. पुलिस ने उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया. इसके अलावा एक एक अंतरराज्यीय आरोपी फरार है.
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