Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को छत्तीसगढ़ की हाईकोर्ट ने शराब घोटाला मामले में जमानत मंजूर कर दी है. केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय यानी कि ED और राज्य की जांच एजेंसी ईओडब्ल्यू द्वारा चैतन्य बघेल पर दर्ज किए गए मामले में उन्हें जमानत मिली है. शुक्रवार को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच ने चैतन्य बघेल की जमानत मंजूर की.
जमानत पर जस्टिस अरविंद वर्मा की बेंच ने कहा- 'कोर्ट का दायित्व दंडात्मक नहीं बल्कि संवैधानिक संतुलन बनाए रखना है. किसी आरोपी को अनिश्चितकाल तक जेल में रखना, खासकर तब जब ट्रायल के जल्द पूरा होने की संभावना न हो, व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मूल अधिकार के खिलाफ है.'
शुक्रवार की देर शाम जमानत की खबर मिलने के बाद भूपेश बघेल के रायपुर स्थित सरकारी निवास के बाहर जमकर आतिशबाजी की गई. भूपेश बघेल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सत्य की जीत हुई है. सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं. पूरा देश जानता है कि किस तरह से जांच एजेंसी यहां भाजपा सरकार के दबाव में विपक्ष के लोगों को टारगेट कर रहे हैं. चैतन्य बघेल को एक ऐसे व्यक्ति के बयान पर गिरफ्तार किया गया जो शराब घोटाला मामले में खुद आरोपी है और फरार चल रहा है.
17 जुलाई को हुए थे गिरफ्तार
बता दें कि चैतन्य बघेल जुलाई 2025 मैं उनके जन्मदिन के दिन ही 17 जुलाई को केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था. छत्तीसगढ़ में 2800 करोड रुपए से अधिक के कथित शराब घोटाला मामले में चैतन्य बघेल की भूमिका महत्वपूर्ण बताई गई थी. आरोप में जांच एजेंसी का दावा है कि घोटाले से मिले 800 करोड रुपए से ज्यादा की रकम को चैतन्य बघेल के द्वारा चैनेलाइज किया गया था. शराब घोटाले की बड़ी रकम चैतन्य बघेल ने अपने रियल एस्टेट बिजनेस में लगाई है. इसी मामले में गिरफ्तार चैतन्य बघेल को 170 दिन बाद हाई कोर्ट से राहत मिली है. बता दे इसी मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री और आदिवासी नेता कावासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री की उपसचिव रही सौम्या चौरसिया, पूर्व इस निरंजन दास, एपी त्रिपाठी समेत कई कारोबारी और अधिकारी जेल में बंद है.
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