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ब्लू-वॉटर में डूबे आदिल का शव 77 घंटे बाद मिला, CM ने नेवी से मांगी थी मदद; नौसेना आने से पहले मिली लाश

रायपुर के नकटी स्थित ब्लू वॉटर खदान में डूबे 24 वर्षीय आदिल खान का शव 77 घंटे बाद बरामद हुआ. SDRF और NDRF की तीन दिन की लगातार तलाश के बाद शव पानी की सतह पर तैरता मिला. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खोज अभियान के लिए भारतीय नौसेना के विशेषज्ञ गोताखोरों की मदद मांगी थी.

ब्लू-वॉटर में डूबे आदिल का शव 77 घंटे बाद मिला, CM ने नेवी से मांगी थी मदद; नौसेना आने से पहले मिली लाश

रायपुर के नकटी स्थित खतरनाक ब्लू वॉटर खदान में डूबे 24 वर्षीय आदिल खान की तलाश आखिरकार 77 घंटे बाद खत्म हो गई. शनिवार देर रात उसका शव पानी की सतह पर तैरता हुआ दिखाई दिया, जिसके बाद उसे बाहर निकाला. गहरी खदान और बेहद ठंडे पानी के कारण शव नीचे फंस गया था, जिससे रेस्क्यू टीमों को उसे ढूंढने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. इस बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खोज अभियान को तेज करने के लिए भारतीय नौसेना के विशेषज्ञ गोताखोरों की मदद लेने का फैसला किया था, लेकिन नेवी की टीम के रायपुर पहुंचने से पहले ही आदिल का शव मिल गया.

आदिल खान के डूबने के बाद SDRF और NDRF की टीम लगातार तीन दिनों तक सर्च ऑपरेशन चलाती रही. खदान की अत्यधिक गहराई और पानी की परिस्थितियों के कारण अभियान चुनौतीपूर्ण बना रहा. शनिवार देर रात अचानक आदिल का शव पानी की सतह पर आया, जिसके बाद उसकी पहचान कर उसे बाहर निकाला.

गहराई और ठंडे पानी ने बढ़ाई चुनौती

रेस्क्यू टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती खदान की गहराई थी. बताया जा रहा है कि पानी काफी ठंडा था, जिसके कारण शव नीचे ही फंसा हुआ था. इसी वजह से कई घंटों तक चलाए गए सर्च ऑपरेशन के बावजूद सफलता नहीं मिल पा रही थी. आखिरकार प्राकृतिक रूप से शव सतह पर आने के बाद तलाश पूरी हो सकी.

मुख्यमंत्री ने नेवी की मदद लेने के दिए थे निर्देश

घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खोज अभियान में हरसंभव संसाधन लगाने के निर्देश दिए थे. इसी के तहत भारतीय नौसेना के विशेषज्ञ गोताखोरों की सहायता लेने का निर्णय किया. मुख्यमंत्री के निर्देश पर विशाखापट्टनम से ईस्टर्न नेवल कमांड की विशेष टीम को रायपुर भेजा जा रहा था.

ईस्टर्न नेवल कमांड की टीम आने वाली थी रायपुर

भारतीय नौसेना की विशेष टीम में एक अधिकारी और 10 प्रशिक्षित गोताखोर शामिल थे. ये विशेषज्ञ पानी के भीतर खोज और बचाव अभियान चलाने में दक्ष हैं. टीम के अगले दिन रायपुर पहुंचकर ब्लू वॉटर खदान में सर्च ऑपरेशन शुरू करने की तैयारी थी, लेकिन उसके पहले ही आदिल का शव मिल गया.

दोस्तों के बीच लगी थी तैराकी की शर्त

जानकारी के मुताबिक, आदिल 19 अगस्त को अपने तीन दोस्तों के साथ ब्लू वॉटर खदान घूमने गया था. इसी दौरान दोस्तों के बीच खदान के एक छोर से दूसरे छोर तक तैरकर जाने की शर्त लगी. आदिल और उसका एक दोस्त पानी में उतर गए. तैरते-तैरते आदिल गहरे हिस्से की ओर पहुंच गया और देखते ही देखते पानी में डूब गया.

घटना का वीडियो भी आया था सामने

इस हादसे का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें आदिल को पानी में उतरते देखा गया. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और तत्काल पुलिस व रेस्क्यू एजेंसियों को सूचना दी. इसके बाद लगातार तीन दिनों तक खोज अभियान चलाया गया. 

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