आस्था की अनूठी मिसाल... 9 साल का इंतजार, 22000 परिवारों की श्रद्धा का गवाह है ये भव्य राम मंदिर, ऐसे बनकर हुआ तैयार

Panduka Ram Janaki Temple Gariyaband: बीते 7 जनवरी को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने जब इस मंदिर का लोकार्पण किया, तो हर आंख इस भव्यता को देखकर दंग रह गई. राजस्थान के विशेष पत्थरों से निर्मित इस मंदिर में विराजे रामलला की मूर्ति भी राजस्थान की कारीगरी का अद्भुत नमूना है.

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Panduka Ram Janaki Temple Gariyaband History: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक ऐसी मिसाल पेश की गई है, जो बताती है कि अगर जनशक्ति एकजुट हो जाए तो क्या कुछ मुमकिन नहीं... बीते 7 जनवरी को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पांडुका के सिरकट्टी आश्रम में जिस भव्य राम मंदिर का लोकार्पण किया था और इसकी भव्यता को लेकर काफी तारीफ भी की थी. उसकी चर्चा आज पूरे प्रदेश में है 22 हजार परिवारों ने मिलकर अपने पसीने की कमाई से इस मंदिर को खड़ा किया है. आखिर क्या है इस मंदिर की मान्यता और क्यों इसे सिरकट्टी कहा जाता है? यहां जानिए.

22 हजार परिवारों की श्रद्धा का गवाह है ये भव्य राम मंदिर

ये भव्यता, ये नक्काशी और पत्थरों पर उकेरी गई ये कलाकारी  किसी सरकारी फंड या किसी एक बड़े दानदाता की देन नहीं है. गरियाबंद के पांडुका में स्थित सिरकट्टी आश्रम का यह राम मंदिर गवाह है उन 22 हजार परिवारों की श्रद्धा का, जिन्होंने 9 सालों तक पाई-पाई जोड़कर 7 करोड़ रुपये इकट्ठा किए.

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Panduka Ram Janaki Temple Gariyaband History

राजस्थान के विशेष पत्थरों से निर्मित है ये मंदिर

बीते 7 जनवरी को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने जब इस मंदिर का लोकार्पण किया, तो हर आंख इस भव्यता को देखकर दंग रह गई. राजस्थान के विशेष पत्थरों से निर्मित इस मंदिर में विराजे रामलला की मूर्ति भी राजस्थान की कारीगरी का अद्भुत नमूना है. सीएम यंहा आकर काफी भावुक हो गए थे और उन्होंने समय के अभाव के चलते इस बार ज्यादा समय नहीं दे पा रहे, लेकिन अगली बार वो जरूर आएंगे और ज्यादा समय के लिए आएंगे. हालांकि इस दौरान उनका राजीव में भी कार्यक्रम था मगर राजिम से ज्यादा देर में इस आश्रम में रुके और यही उन्होंने भोजन भी ग्रहण किया था.

Panduka Ram Janaki Temple Gariyaband: कारीगरी का अद्भुत नमूना है ये मंदिर.

इस पूरे अभियान की धुरी रहे वर्तमान महामंडलेश्वर गोवर्धन शरण व्यास जी जो कि आश्रम के संस्थापक स्व सिया भुनेश्वरी शरण व्यास जी शिष्य है और वर्तमान में आश्रम का संचालन करते है. मंच पर जब वो भक्तों के बीच बैठते हैं, तो समस्याओं का समाधान तो मिलता ही है, साथ ही समाज को जोड़ने का संकल्प भी जागता है.

Panduka Ram Janaki Temple Gariyaband: अपनी भव्यता को लेकर काफी चर्चा में है ये मंदिर

पूरी होती है ये मनोकामना

यहां की मान्यता इतनी अटूट है कि नवविवाहित जोड़े संतान की कामना लेकर यहां मत्था टेकते हैं और मनोकामना पूरी होने पर अपनी संतान को बाबा की गोद में रखकर आशीर्वाद लेते हैं. लेकिन इस आश्रम का इतिहास और भी दिलचस्प है. आश्रम के करीब बहती पैरी नदी के तट पर सदियों पुराना प्राचीन बंदरगाह है.

Panduka Ram Janaki Temple Gariyaband: खुदाई में निकली है सिर कटी मूर्तियां.

खुदाई के दौरान वहां से कई सिर कटी हुई मूर्तियां निकली थी जिसे आश्रम में स्थापित किया गया है. यहां आज भी प्राचीन सिर कटी हुई मूर्तियां मिलती हैं, जिसके कारण इस पावन धरा का नाम सिरकट्टी आश्रम पड़ा.

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राम मंदिर का सपना तो साकार हो गया, लेकिन आस्था का यह कारवां यहीं रुकने वाला नहीं है. अब इसी पैरी नदी के बीचों-बीच 2 करोड़ की लागत से भगवान भोलेनाथ का एक विशाल मंदिर बनाने की तैयारी है, जिसके लिए भक्तों ने फिर से कमर कस ली है.

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