Khelo India Tribal Games: निकिता ने दिलाया छत्तीसगढ़ को पहला गोल्ड! 160 किलो वजन उठाकर बनाया कीर्तिमान

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में छत्तीसगढ़ की बेटी निकिता ने 160 किलोग्राम वजन उठाकर राज्य को पहला स्वर्ण पदक दिलाया. रायपुर में आयोजित प्रतियोगिता में 77 किलोग्राम महिला वेटलिफ्टिंग वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने इतिहास रच दिया.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins

Khelo India Tribal Games: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक पल सामने आया है. रायपुर में आयोजित प्रतियोगिताओं में राज्य की बेटी निकिता ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित कर दिया. वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में शानदार ताकत और आत्मविश्वास दिखाते हुए निकिता ने 160 किलोग्राम वजन उठाकर छत्तीसगढ़ को उसका पहला स्वर्ण पदक दिलाया. इस जीत के साथ उन्होंने राज्य के खेल इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया.

77 किलो वर्ग में दमदार प्रदर्शन

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के चौथे दिन महिला वेटलिफ्टिंग के 77 किलोग्राम वर्ग में निकिता ने बेहतरीन प्रदर्शन किया. उन्होंने मुकाबले की शुरुआत से ही अपनी मजबूत दावेदारी दिखा दी और हर लिफ्ट में आत्मविश्वास नजर आया. कुल 160 किलोग्राम वजन उठाकर उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया.

Advertisement

निकिता ने स्नैच में 70 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 90 किलोग्राम वजन उठाया. दोनों ही राउंड में उनका संतुलन और तकनीक काबिले‑तारीफ रही. उनके सामने खड़ी प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी निकिता के प्रदर्शन से काफी पीछे रह गईं.

प्रतिद्वंद्वियों को छोड़ा पीछे

इस मुकाबले में ओडिशा की जानी ने 126 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक हासिल किया, जबकि असम की जॉयश्री पाटिर ने 118 किलोग्राम वजन के साथ कांस्य पदक जीता. लेकिन निकिता का 160 किलोग्राम का कुल स्कोर सबसे ऊपर रहा और उन्हें स्वर्ण पदक मिला.

छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक स्वर्ण

निकिता का यह स्वर्ण पदक खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के इतिहास में छत्तीसगढ़ का पहला गोल्ड है. पहले संस्करण में यह उपलब्धि हासिल कर उन्होंने न केवल राज्य का नाम रोशन किया, बल्कि आने वाले खिलाड़‍ियों के लिए एक मिसाल भी पेश की.

रायपुर में चल रही प्रतियोगिताएं

राजधानी रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इन खेल प्रतियोगिताओं में देशभर से आदिवासी खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं. निकिता की इस स्वर्णिम जीत से छत्तीसगढ़ के खेमे में उत्साह और आत्मविश्वास दोनों बढ़ गए हैं. निकिता की यह सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं. उनकी मेहनत, लगन और समर्पण ने साबित कर दिया कि कड़ी मेहनत से किसी भी मंच पर इतिहास रचा जा सकता है.

Advertisement