Naxal Encounter: 25 लाख की इनामी माओवादी रेणुका उर्फ बानु ढेर, बरामद हुआ INSAS राइफल

Bijapur Naxal Encounter: नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों को एक बार फिर सफलता मिली है. दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर इलाके में नक्सलियों से साथ मुठभेड़ में पुलिस ने एक महिला नक्सली को ढेर कर दिया है. साथ ही, उसके पास से इंसास राइफल बरामद की गई है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर एक महिला नक्सली ढेर

Anti Naxal Operation: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बल लगातार एक्शन मोड में हैं. एंटी नक्सल ऑपरेशन के तहत पुलिस बल को सफलता मिल रही है. ताजा मामला दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर (Dantewada-Bijapur Border) इलाके से सामने आया है. सोमवार की सुबह से ही यहां पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है. इस दौरान पुलिस बल को बड़ी सफलता भी मिली है, जिसमें एक महिला नक्सली को ढेर कर दिया गया है. इसके पास से एक इंसास राइफल भी बरामद किया गया है. जानकारी के अनुसार, महिला नक्सली पर 25 लाख रुपये इनाम घोषित था. इसका नाम रेणुका उर्फ बानु है.

जारी है मुठभेड़

पुलिस और नक्सलियों के बीच बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा समेत बस्तर क्षेत्र में लगातार कई दिनों से मुठभेड़ रुक-रुककर जारी है. सुरक्षा बलों को लगातार सफलता मिल रही है. सोमवार को सुबह से जारी मुठभेड़ के दौरान एक महिला नक्सली को ढेर किया गया है. इसके पास से एक इंसास राइफल बरामद की गई है. इसको लेकर दंतेवाड़ा एसपी गौरव राय ने पुष्टि भी की है. इलाके में अभी भी मुठभेड़ जारी है.

Advertisement

ये भी पढ़ें :- Rape Case: तीन दिन में गिरफ्तार किया नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को, बलरामपुर पुलिस को मिली बड़ी सफलता

Advertisement

अमित शाह के दौरे से पहले तेज हुआ अभियान

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दंतेवाड़ा दौरे से पहले नक्सलियों के खिलाफ एंटी नक्सल अभियान तेज हुआ है. बीते दिनों 17 नक्सलियों के एनकाउंटर और 50 नक्सिलयों के सरेंडर करने के बाद सोमवार की सुबह ही पुलिस ने एक महिला नक्सली को ढेर कर दिया है.

Advertisement

क्या होता है DKSZCM का मतलब?

DKSZCM का मतलब दण्डकारण्य स्पेशल ज़ोनल कमेटी सदस्य होता है. यह नक्सली संगठन में  एक बड़ी जिम्मेदारी का पद होता है, जो मुख्य रूप से छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा और तेलंगाना के नक्सल ग्रस्त इलाकों में सक्रिय होकर काम करता है. इस संगठन में स्पेशल जोनल कमेटी बड़े फैसले लेने वाली क्षमता रखती है, जो नक्सली गतिविधियों की योजना, रणनीति और संचालन की देखरेख करती है. इस कमेटी के सदस्य (DKSZCM) संगठन के अंदर महत्वपूर्ण पदों पर होते हैं और उन्हें बड़े ऑपरेशनों की जिम्मेदारी दी जाती है. मुठभेड़ में मारी गई 25 लाख रुपये की इनामी नक्सली इसी पद पर थी.

ये भी पढ़ें :- 'पक्का मकान बन गया है?' PM मोदी के सवाल पर मुस्कराए दल्लु राम बैगा और दिया ये जवाब