MNREGA Bachao: मनरेगा की जगह VB G RAM G पर सियासत तेज; छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने केंद्र पर लगाए गंभीर आरोप

MNREGA Bachao Sangram: कांग्रेस नेताओं ने बताया कि पहले मनरेगा केंद्रीय कानून था और 90% राशि केंद्र सरकार देती थी, लेकिन अब केंद्र और राज्य का हिस्सा 60-40 कर दिया गया है. इससे राज्यों पर लगभग 50,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ेगा और बजट के दबाव के कारण योजना धीरे-धीरे बंद हो जाएगी. कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा भगवान राम के नाम पर भ्रम फैला रही है.

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MNREGA Bachao: मनरेगा की जगह VB G RAM G पर सियासत तेज; छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने केंद्र पर लगाए गंभीर आरोप

MNREGA Bachao Sangram: केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना (MNREGA Yojana) में किए गए बदलाव को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासत गरमा गई है. कांग्रेस (Congress) ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार महात्मा गांधी की सोच को खत्म करने और गरीबों का अधिकार छीनने की कोशिश कर रही है. रायगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता में मनरेगा बचाओ संग्राम के जिला प्रभारी सुबोध हरितवाल ने कहा कि मनरेगा को जी राम जी नाम देकर इसे एक कंडीशनल, केंद्र नियंत्रित स्कीम में बदल दिया गया है. उनका दावा है कि पिछले दो दशकों से मनरेगा करोड़ों ग्रामीण परिवारों के लिए लाइफलाइन रहा है, लेकिन अब इसे कमजोर करने की साजिश हो रही है.

भ्रम फैलाने का काम कर रही सरकार : कांग्रेस

कांग्रेस नेताओं ने बताया कि पहले मनरेगा केंद्रीय कानून था और 90% राशि केंद्र सरकार देती थी, लेकिन अब केंद्र और राज्य का हिस्सा 60-40 कर दिया गया है. इससे राज्यों पर लगभग 50,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ेगा और बजट के दबाव के कारण योजना धीरे-धीरे बंद हो जाएगी. कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा भगवान राम के नाम पर भ्रम फैला रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि V.B.G.RAM.G का फुल फॉर्म विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण है, जिसमें राम नाम का कोई उल्लेख नहीं है.
 

बेमेतरा में जिला स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस ने घोषणा की कि VB-GRAM-G विधेयक के विरोध में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम' अभियान 10 जनवरी से शुरू होकर 26 फरवरी तक चलेगा. अभियान के दूसरे दिन यानी 11 जनवरी को कार्यकर्ता महात्मा गांधी और डॉ. बीआर आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष एक दिवसीय उपवास रखकर विरोध दर्ज कराएंगे. वहीं भाजपा ने जिला स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर योजना के नामकरण पर जानकारी दी है. इस मुद्दे पर दोनों दल आमने-सामने हैं.

बलौदा बाजार में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री अमितेश शुक्ला ने कहा कि पहले मनरेगा में 100% राशि केंद्र सरकार देती थी, लेकिन अब 40% राशि राज्यों पर डाल दी गई है. इससे कई जगहों पर काम बंद होने की स्थिति बन गई है. कांग्रेस ने न्यूनतम मजदूरी 400 रुपये करने की मांग भी रखी. नेताओं ने आरोप लगाया कि नई योजना से काम की गारंटी खत्म होगी, फसल कटाई के समय मजदूरों को काम नहीं मिलेगा और ठेकेदारों के जरिए काम कराए जाने से ग्राम पंचायतों की भूमिका कमजोर होगी.

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