छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (KCG) जिले से सरकारी योजना के क्रियान्वयन में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है. महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए शुरू की गई महतारी वंदन योजना का लाभ एक पुरुष को मिलता रहा और किसी स्तर पर इस गड़बड़ी पर ध्यान नहीं गया.
हैरानी की बात यह है कि संबंधित व्यक्ति को लगातार 10 महीनों तक योजना की राशि उसके खाते में मिलती रही. मामला सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया, भुगतान रोका गया और अब पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है. इस घटना ने योजना के सत्यापन और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
महिला की जगह पुरुष का आवेदन स्वीकृत
मामला खैरागढ़ जिले के ग्राम मुढ़ीपार का है, जहां महतारी वंदन योजना के तहत एक पुरुष का आवेदन महिला हितग्राही के रूप में स्वीकृत हो गया. योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, लेकिन सत्यापन प्रक्रिया के दौरान हुई चूक के कारण यह आवेदन मंजूर कर लिया. इसके बाद संबंधित व्यक्ति को मार्च 2024 से दिसंबर 2024 तक लगातार योजना की राशि मिलती रही.
आवेदन में थी स्पष्ट विसंगति
जानकारी के अनुसार आवेदन पत्र में हितग्राही और उसके पति का नाम एक ही दर्ज था. इसके बावजूद आवेदन को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सुपरवाइजर स्तर पर सत्यापित कर आगे बढ़ा दिया गया. सामान्य जांच में ही यह विसंगति सामने आ सकती थी, लेकिन आवेदन को मंजूरी मिल गई और भुगतान भी शुरू हो गया. अब सवाल उठ रहे हैं कि सत्यापन के दौरान इस गलती को क्यों नहीं पकड़ा गया.
मामला खुला तो रोका भुगतान
जब इस गड़बड़ी की जानकारी विभाग के संज्ञान में आई तो तत्काल भुगतान रोक दिया गया. साथ ही संबंधित हितग्राही से अब तक जारी की गई राशि की रिकवरी की प्रक्रिया भी शुरू की गई. विभाग ने लगभग 10 हजार रुपये की वसूली कर ली है. अधिकारियों का कहना है कि योजना की राशि वापस जमा कराई जा चुकी है और आगे की जांच जारी है.
जिम्मेदारों की भूमिका की जांच
जिला कार्यक्रम अधिकारी पी.आर. खुटे के अनुसार पूरे मामले की जांच की जा रही है. यह पता लगाया जा रहा है कि आवेदन की जांच और सत्यापन के दौरान कहां चूक हुई और किस स्तर पर लापरवाही बरती गई. जांच के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.