लाखों का खर्च नहीं...अब रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में 'फ्री' में करा सकेंगे TKR और THR सर्जरी, दर्द से मिलेगा छुटकारा

Raigarh Medical College Hospital में घुटना प्रत्यारोपण (TKR) और कूल्हा प्रत्यारोपण (THR) की नई सुविधा शुरू की गई है. अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण जांगड़े ने बताया कि गठिया, ऑस्टियोआर्थराइटिस, रूमेटाइड आर्थराइटिस, लंबे समय से घुटने या कूल्हे के असहनीय दर्द से पीड़ित मरीजों के लिए जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी काफी फायदेमंद है.

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Knee and Hip Replacement Facility In Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ मेडिकल कॉलेज से संबंधित संत बाबा गुरु घासीदास जी अस्पताल में अब घुटना प्रत्यारोपण- TKR (Total Knee Replacement) और कूल्हा प्रत्यारोपण-THR (Total Hip Replacement) की सुविधा शुरू हो गई है. यह सर्चरी गठिया, ऑस्टियोआर्थराइटिस, रूमेटाइड आर्थराइटिस, हादसे में चोटिल हुए जोड़ों या लंबे समय से घुटने-कूल्हे के दर्द से पीड़ित मरीजों के लिए वरदान है. बीते कुछ दिनों में अस्पताल में 5 THR और 5 TKR समेम 10 सर्जरी सफल रही है. निजी अस्पताल में यह सर्चरी कराने का खर्च लाखों रुपये में होता है. 

दरअसल, रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है. अधिष्ठाता डॉ. संतोष कुमार और अस्पताल अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार मिंज के नेतृत्व में यहां अब घुटना प्रत्यारोपण (TKR) और कूल्हा प्रत्यारोपण (THR) की नई सुविधा शुरू की गई है. अधिष्ठाता डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि निजी अस्पतालों में दोनों घुटनों की प्रत्यारोपण सर्जरी पर लगभग 2.5 से 3 लाख रुपये तक का खर्च आता है, जबकि शासकीय मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में यह सुविधा शुरू होने से मरीजों को आयुष्मान योजना के अंतर्गत निःशुल्क उपचार मिल रहा है.  

निजी अस्पताल में आ रहा था 2.5 लाख का खर्च 

28 वर्षीय मरीज छविराज कुमार ने बताया कि उन्हें लंबे समय से पैर में गंभीर दिक्कत थी, जिसके कारण चलने-फिरने में काफी परेशानी होती थी. उन्होंने पहले निजी अस्पताल में परामर्श लिया, जहां सर्जरी के लिए लगभग ढाई लाख रुपये का खर्च बताया गया.उनके पास इतने रुपये नहीं थे. कुछ समय बाद रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत सर्जरी की सुविधा शुरू होने की जानकारी मिली तो यहां उपचार कराया. ऑपरेशन के बाद अब उनके पैर में कोई परेशानी नहीं है. उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के दूसरे दिन से ही वे चलने लगे थे, अब वे आम लोगों की तरह चल-फिर पा रहे हैं. 

दर्द से मिलेगा छुटकारा 

अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण जांगड़े ने बताया कि गठिया, ऑस्टियोआर्थराइटिस, रूमेटाइड आर्थराइटिस, हादसे में  घुटनों में चोट, लंबे समय से घुटने या कूल्हे के असहनीय दर्द से पीड़ित मरीजों के लिए जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी अत्यंत प्रभावी उपचार है. सर्जरी के बाद मरीजों को दर्द में बड़ी राहत मिलती है और वे आम लोगों की तरह चल फिर सकते हैं.  

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10 मरीजों की सर्जरी सफल 

अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम.के. मिंज ने बताया कि अस्पताल में घुटना और कूल्हा प्रत्यारोपण की सुविधा उपलब्ध है. अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण जांगड़े एवं एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. एएम लकड़ा की विशेषज्ञ टीम द्वारा इस सर्जरी को किया जा रहा है. बीते कुछ दिनों में 10 मरीजों की सफलतापूर्वक सर्जरी की गई है, जिसमें 5 कूल्हा और 5 घुटना प्रत्यारोपण शामिल हैं. 

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