Kawasi Lakhma Raipur Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला के आरोपी कांग्रेस नेता कवासी लखमा जमानत पर जेल से बाहर आ चुके हैं, लेकिन रायपुर सेंट्रल जेल से 4 फरवरी 2026 की शाम को कवासी लखमा की रिहाई के समय कांग्रेस के बड़े नेता नहीं पहुंचे, जिसको लेकर सियासत तेज हो गई है. बीजेपी नेता कवासी लखमा को कांग्रेस नेताओं द्वारा ही फंसाने का आरोप मढ़ रहे हैं, जिन पर कांग्रेस ने पलटवार करते कहा ये डिवाइड एंड रूल की पालिसी है.
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दिलचस्प बात ये रही कि लखमा ने जेल में रहते हुए अपने समर्थन में बयान देने पर छत्तीसगढ डिप्टी सीएम अरुण साव और बीजेपी नेताओं का भी खुले मंच से धन्यवाद किया. कवासी लखमा की रिहाई पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा जिस तरह लखमा ने कहा था कि अधिकारी ने जैसा बोला उन्होंने साइन कर दिया. इससे यही लगता है उनके साथ षड्यंत्र हुआ है. इधर, बीजेपी की केंद्र सरकार पर कांग्रेस ने षड्यंत्र का आरोप लगाया है.
बहरहाल, सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत के बाद जेल से बाहर आए पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा की रिहाई ने छत्तीसगढ़ की सियासत को गरमा दिया है. एक ओर कांग्रेस इसे राजनीतिक षड्यंत्र बता रही है, दूसरी तरफ लखमा का अरुण साव की तारीफ करना और विजय शर्मा का कावासी लखमा को फंसाने की बात कहना कुछ सियासी समीकरण को जन्म देने की तरफ़ इशारा जरूर है.
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