Watermelon Food Poisoning: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में तरबूज खाने के बाद एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि उसके परिवार के तीन अन्य बच्चे बीमार पड़ गए. सभी बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां इलाज जारी है. घटना के बाद कलेक्टर के निर्देश पर तरबूज के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा दिया गया है. वहीं मृत बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराकर विसरा सुरक्षित रखा गया है.
मेडिकल टीम भेजकर संबंधित परिवार का स्वास्थ्य जांच कराया गया. बता दें कि स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है. यह मामल सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम धुरकोट गांव का है.
मामा के घर घूमने आए थे बच्चे
जानकारी के मुताबिक, बच्चे परिवार वालों के साथ अपने मामा के घर घूमने आए थे. मृतक की पहचान पोड़ी दलहा गांव निवासी अखिलेश धीवर (15) के रूप में हुई है. बीमार पड़ने वाले अन्य बच्चों की पहचान अवारिद गांव के श्री धीवर (4), खटोला के पिंटू धीवर (12) और कोटगढ़ के हितेश धीवर (13) के रूप में हुई है.

Watermelon Food Poisoning: तीन बच्चे को जिला अस्पताल में चल रहा इलाज
बच्चों ने पहले से कटा हुआ तरबूज खाया था
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. एस. कुजूर ने बताया, ‘शुरुआती जानकारी के अनुसार, बच्चों ने रविवार शाम को घर में रखा पहले से कटा तरबूज खाया था. कुछ घंटों बाद, अखिलेश को उल्टी, दस्त और सांस लेने में तकलीफ होने लगी. बाद में यही लक्षण अन्य तीनों बच्चों में भी देखे गए. उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे उनकी हालत बिगड़ने लगी, परिवार वाले उन्हें सोमवार को अलग-अलग समय पर एम्बुलेंस से जिला अस्पताल ले गए. अस्पताल पहुंचने पर अखिलेश को मृत घोषित कर दिया गया. अन्य तीनों बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज किया जा रहा है.
कुजूर ने बताया कि जानकारी के अनुसार, तरबूज को सुबह काटा गया था और कई घंटों बाद खाया गया, जिससे उसमें संक्रमण होने की आशंका बढ़ जाती है. उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि संदूषित तरबूज खाने के बाद बच्चे खाद्य विषाक्ता का शिकार हुए.
जांच के लिए भेजा गया तरबूज का सैंपल
डॉक्टर ने बताया कि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया है और फॉरेंसिक जांच के लिए विसरा के नमूने सुरक्षित रख लिए गए हैं. उन्होंने बताया कि घर में रखा एक और तरबूज प्रयोगशाला जांच के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग को भेज दिया गया है. अधिकारियों ने बताया कि मौत और बीमारी के पीछे का सही कारण फॉरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही पता चल पाएगा.