आधार कार्ड अपडेट से हो रहा काला कारनामा, भूमि अधिग्रहण से किसान को मिला लाखों का मुआवजा ठगों ने उड़ाया

Adhaar Card Fraud: आधार कार्ड अपडेट के नाम पर हुए बड़े फ्रॉड को सुलझाने में जांजगीर-चांपा पुलिस को पूरे 3 साल लगे. किसान को मुआवजे में मिले 24 लाख रुपए उड़ाने वाले 2 ठगों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस तह तक पहुंची और किसान से धोखाधड़ी की योजना बनाने वाले असली मुजरिमों तक पहुंची.

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ADHAAR CARD SCAM: STOLEN FARMERS LAND ACQUISITION COMPENSATION MONEY

Aadhaar Card Updates Scam: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में एक किसान को भूमि अधिग्रहण में मिले 24 लाख रुपए उसके आधार कार्ड को अपडेट कर उड़ाने वाले पांच साजिशकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पांचों आरोपियों ने पीड़ित किसान के नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवाकर ठगी को अंजाम दिया और पैसे आपस में बांट लिए.

आधार कार्ड अपडेट के नाम पर हुए बड़े फ्रॉड को सुलझाने में जांजगीर-चांपा पुलिस को पूरे 3 साल लगे. किसान को मुआवजे में मिले 24 लाख रुपए उड़ाने वाले 2 ठगों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस तह तक पहुंची और किसान से धोखाधड़ी की योजना बनाने वाले असली मुजरिमों तक पहुंची.

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3 साल से फरार थे ठगी को अंजाम देने वाले पांचों आरोपी

रिपोर्ट के मुताबिक वर्धा पावर प्लांट निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण के बदले पीड़ित किसान योगेंद्र सिंह पिता स्व. बलदाऊ  सिंह को मिले 24 लाख रुपए मुआवजे मिले थे. मुआवजे की राशि को धोखे से उड़ाने वाले पिछले तीन साल से फरार चल रहे थे. गुरुवार को पुलिस के हत्थे पांचों आरोपियों को पुलिस अलग-अलग जगह दबिश देकर गिरफ्तार करने में सफलता पाई.

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FIR की कॉपी

फर्जी आधार कार्ड बनाकर मुआवजा राशि का कर लिया गबन

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार पांचों आरोपियों में से परमेश्वर पाटले पिता दशरथ  निवासी नरियारा थाना मुलमुला, शंकर लाल भारद्वाज पिता गोटी लाल भारद्वाज, निवासी कोसिर थाना पामगढ़ और विश्राम भारद्वाज पिता भगवानी भारद्वाज निवासी थाना मूलमुला ने किसान के पैसे को उड़ाने की पूरी योजना तैयार की और फर्जी आधार कार्ड अपडेट के जरिए इसे अंजाम दिया. 

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साल 2023 में पीड़ित किसान ने एक लिखित शिकायत में बताया था कि तरौद स्थित उसकी भूमि के.एस.के वर्धा पावर प्लांट के लिए अधिग्रहित की गई थी, जिसके बदले उसे 24 लाख रुपए मिला था, लेकिन कम मुआवजे से असंतुष्ट होकर वह हाई कोर्ट चला गया, जहां मामला विचाराधीन है.

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आधार कार्ड के जरिए ठगी को पुलिस के सामने कबूल किया

फर्जी आधार कार्ड के जरिए पीड़ित किसान को मुआवजे में मिले 24 लाख रुपए उड़ाने वाले पांचों आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने धारा 420,467,468,471, 34 भादवि के तहत मामला दर्ज किया. पांचों आरोपियों में शामिल गिरफ्तार दीपक दिवाकर और नरेश रत्नाकर ने फर्जी आधार कार्ड के जरिए धोखाधड़ी के आरोपों को पुलिस के सामने कबूल किया है. 

किसान को ठगी का तब पता चला जब बैंक से चेक बुक आया

बताया जाता है कि ठगों ने किसान को भूमि अधिग्रहण से मिली मुआवजा राशि को चुराने के लिए अज्ञात नाम योगेन्द सिंह, भाई स्व. गिरधारी सिंह के नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवाया और डीसीबी बैंक जांजगीर में खाता खुलवाकर मुआवजे मिले 24 लाख रुपए निकाल लिए. किसान को ठगी का पता तब चला जब डीसीबी बैंक से चेक बुक आया.

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पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया, लेकिन अगले 3 साल तक कुछ हाथ नहीं लगा. अंततः जिस आधार कार्ड के जरिए ठगी को अंजाम दिया था उसकी जानकारी खाद्य विभाग से मांगी गई, तो आधार अपडेट में गलत जानकारी देने वाले आरोपी पकड़ में आ गए.

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शंकर भारद्वाज, परमेश्वर और विश्राम ने बनाया ठगी का प्लान

पीड़ित किसान के आधार कार्ड में अंकित पीड़ित किसान योगेंद्र सिंह पिता स्व. बलदाऊ सिंह की जगह योगेंद्र सिंह, भाई गिरधारी सिंह चंदेल नाम शपथ पत्र देकर बदलवाने वाले दीपक दिवाकर और नरेश रत्नाकर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. दीपक दिवाकर ने बताया कि उसके ससुर शंकर भारद्वाज, परमेश्वर और विश्राम ने मिलकर प्लान तैयार किया.

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किसान के आधार कार्ड में नाम झूठे शपथ पत्र से चेंज कराया 

पुलिस के मुताबिक आरोपी परमेश्वर को पता था कि तरौद निवाशी योगेन्द्र सिंह पिता स्व. बलदाऊ सिंह और भाई गिरधारी सिंह चंदेल ने मुआवजा नहीं लिया है. परमेश्वर की सलाह पर पीड़ित किसान के आधार कार्ड को झूठे शपथ पत्र से चेंज कराया गया और बैंक में खाता खुलवाकर 24 लाख रुपए मुआवजा ले लिया और पांचों ने पैसे को आपस में बांट लिए. 

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पीड़ित किसान के आधार कार्ड में अंकित नाम योगेंद्र सिंह पिता स्व चंदेल सिंह की जगह शपथ पत्र देकर योगेंद्र सिंह, भाई गिरधर करवाने वाले दीपक दिवाकर और नरेश रत्नाकर को हिरासत लिया तो उन्होंने बताया कि शंकर भारद्वाज, परमेश्वर और विश्राम ने मिलकर प्लान तैयार किया.

ठगी में इस्तेमाल आधार कार्ड, मोबाइल नंबर व दस्तावेज जब्त 

पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल आधार कार्ड, बैंक में दिए मोबाइल नंबर, बैंक में खाता खुलवाने के लिए दिए गए दस्तावेज, फोटो को जब्त किया है और सभी आरोपियों के विरुद्ध अपराधिक सबूत पाए जाने से विधिवत गई गिरफ्तार न्यायालय पेश किया है. फिलहाल, मामला कोर्ट में विचाराधीन है.

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